होम /न्यूज /राजस्थान /CM अशोक गहलोत अभी भी लड़ सकते हैं राष्ट्रीय अध्य्क्ष का चुनाव! आलाकमान को पेश की गई रिपोर्ट में मिला क्लीन चिट

CM अशोक गहलोत अभी भी लड़ सकते हैं राष्ट्रीय अध्य्क्ष का चुनाव! आलाकमान को पेश की गई रिपोर्ट में मिला क्लीन चिट

Rajasthan Latest News:  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लड़ने की चर्चाएं तेज. (फाइल फोटो)

Rajasthan Latest News: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लड़ने की चर्चाएं तेज. (फाइल फोटो)

Rajasthan Congress Crisis: राजस्थान (Rajasthan News) में हो रहे सियासी हलचल के बीच कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

CM अशोक गहलोत लड़ सकते हैं कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव
अजय माकन द्वारा सोनिया गांधी को पेश की गई रिपोर्ट
संयम लोढ़ा बोले- CM गहलोत को लड़ना चाहिए चुनाव

जयपुर. राजस्थान में हुए सियासी घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लड़ने की संभावना पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया था. लेकिन मंगलवार को प्रदेश प्रभारी अजय माकन द्वारा सोनिया गांधी को पेश की गई रिपोर्ट में अशोक गहलोत को क्लीन चिट देने के बाद एक बार फिर से उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष के नामांकन करने को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं. इसे लेकर सीएम सलाहकार और निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा का कहना है कि सीएम अशोक गहलोत को राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लड़ना चाहिए.

उन्होंने कहा कि मैंने सीएम से मुलाकात करके उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लड़ने के लिए निवेदन किया है. मेरे हिसाब से उन्हें चुनाव के लिए नामांकन फाइल करना चाहिए.

28 सितंबर को करने वाले थे नामांकन

राजस्थान में सियासी आबोहवा बिगड़ने से पहले तय कार्यक्रम के अनुसार सीएम अशोक गहलोत 28 सितंबर को अपना नामांकन भरने वाले थे. इस मौके पर प्रदेश के सभी विधायक और मंत्री दिल्ली में मौजूद रहने वाले थे. इसे लेकर सभी विधायकों और मंत्रियों को अनौपचारिक रूप से 27 सितंबर को ही दिल्ली निकलने का आदेश भी दे दिया गया था. लेकिन 25 सितंबर को जयपुर में हुए सियासी घटनाक्रम के बाद सीएम अशोक गहलोत के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर नामांकन भरने की संभावनाएं न के बराबर रह गई थी. लेकिन आलाकमान को पेश प्रदेश प्रभारी अजय माकन की रिपोर्ट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के को क्लीन चिट दिए जाने के बाद एक बार फिर से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 29 सितंबर को राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं.

सीएम गहलोत यूं हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर

दरअसल, कांग्रेस आलाकमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना चाहता था. इसे लेकर सीएम अशोक गहलोत की सोनिया गांधी से मुलाकात भी हुई थी. तय कार्यक्रम के अनुसार सीएम अशोक गहलोत राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नामांकन भरने वाले थे. लेकिन इससे पहले प्रदेश में नए मुख्यमंत्री के चुनाव के लिए 25 सितंबर की शाम 7:00 बजे सीएमआर में विधायक दल की बैठक बुलाई गई. दिल्ली से इस बैठक में शामिल होने के लिए मलिकार्जुन खड़गे और प्रदेश प्रभारी अजय माकन को ऑब्जर्वर बनाकर भेजा गया. लेकिन बैठक से पहले ही गहलोत कूट के विधायकों ने संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल के यहां एकत्रित होना शुरू किया. यहां पर तय हुआ कि ऑब्जर्वर के एक लाइन के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया जाएगा. वहीं किसी भी सूरत में 2020 में पार्टी से बगावत करने वाले सचिन पायलट और उनके किसी भी विधायक को मुख्यमंत्री स्वीकार नहीं किया जाएगा.

ये भी पढ़ें:  अशोक गहलोत को क्या करना होगा? सचिन पायलट ने कांग्रेस आलाकमान को बता दी अपनी मंशा

मामला बढ़ने के बाद सभी विधायक सीएमआर जाने की जगह स्पीकर सीपी जोशी के आवास पर पहुंचे यहां उन्होंने स्पीकर को अपने इस्तीफे सौंप दिए. इस पूरे घटनाक्रम से राजस्थान पिछले कई दिनों से सुर्खियों में बना हुआ हैं. वहीं आलाकमान भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके विधायकों के इस कृत्य से नाराज है. इसे लेकर संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, मुख्य सचेतक महेश जोशी और कांग्रेस नेता और आरटीडीसी के चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ को कारण बताओ नोटिस जारी हुए हैं.

Tags: Ashok gehlot, Ashok Gehlot Vs Sachin Pilot, Jaipur news, Rajasthan news

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें