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अशोक गहलोत ने एक बार फिर खेला डबल गेम, कुर्सी बचाने को चला ये नया दांव?


अशोक गहलोत का नया दांव, बाजीगारी और टाइमिंग भी गजब की

अशोक गहलोत का नया दांव, बाजीगारी और टाइमिंग भी गजब की

Rajasthan News: अशोक गहलोत ने एक तरफ दिल्ली में सोनिया गांधी से माफी मांगी. सीएम पद पर रहने का फैसला सोनिया गांधी पर छो ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
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हाइलाइट्स

अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से भी पीछे हट गए.
गहलोत गुट के एक मंत्री गोविंद मेघवाल के साथ जयपुर में प्रेस कांफ्रेंस कर पार्टी हाईकमान को चेतावनी दी

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर डबल गेम खेलते हुए कुर्सी पर बने रहने के लिए नया दांव चला है. एक तरफ गहलोत दिल्ली में सोनिया गांधी से माफी मांग रहे थे और सीएम की कुर्सी पर खुद के रहने या न रहने का फैसला सोनिया गांधी पर छोड़ने की बात कर रहे थे, लेकिन साथ में कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से भी पीछे हट गए.

ठीक उसी समय गहलोत के रणनीतिक सलाहकार माने जा रहे धर्मेंद्र राठौड़ ने गहलोत गुट के एक मंत्री गोविंद मेघवाल के साथ जयपुर में प्रेस कांफ्रेंस कर पार्टी हाईकमान को चेतावनी दी कि चुनाव में जाना मंजूर, लेकिन सचिन पायलट सीएम के रूप में मंजूर नहीं करेंगे. न सिर्फ सचिन पायलट और उनके गुट के विधायकों को गद्दार कहा. राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन पर गद्दारों का पाप छुपाने का आरोप लगाकर माकन पर भी परोक्ष रुप से गद्दारी के आरोप जड़ेृ.

राजस्थान के सियासी ड्रामे का पार्ट टू गुरुवार को दिल्ली और जयपुर में एक साथ दिखा. दिल्ली में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मिलकर तीन दिन पहले की घटना के लिए माफी मांगी. खुद के सीएम पद पर रहने या न रहने का फैसला सोनिया गांधी पर छोड़ा. हालांकि इस्तीफे की बात नहीं की और इसी के साथ गहलोत ने दांव भी चल दिया.

विधायकों की बगावत की नाकामी को बहाना बनाकर गहलोत ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लड़ने से पीछे हटे. गहलोत गुट के विधायक लगातार गहलोत पर चुनाव लड़ने से पीछे हटने का दबाब बना रहे थे. गहलोत के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लड़ने से इंकार के बाद अब गहलोत को सीएम की कुर्सी से हटाना कांग्रेस हाईकमान के लिए और भी मुश्किल होगा.

गहलोत की बाजीगारी और टाइमिंग भी गजब की
जब सोनिया गांधी से गहलोत माफी मांग रहे थे. ठीक उसी वक्त जयपुर में एक होटल में गहलोत के सबसे करीबी और इस बगावत कांड के मास्टरमाइंड धर्मेंद्र राठौड़ ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे. राठौड़ ने फिर सचिन पायलट और उनके गुट को गद्दार कहा है. पार्टी हाईकमान को चेतावनी दी कि सरकार गिरना चुनाव में जाना मंजूर है, लेकिन सचिन पायलट सीएम के रूप में मंजूर नहीं होगा. पायलट को घेरने के लिए राजस्थान में पंचायत चुनाव में पायलट गुट के एक विधायक के बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया से एक होटल में मिलने और उसके बाद जयपुर का जिला प्रमुख का पद कांग्रेस के हारने के सबूत की सीडी पेश की. राठौड़ और मंत्री मेघवाल ने राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन पर भी पायलट से मिलीभगत और गद्दारी के आरोप लगाए. राठौड़ ने कहा माकन गद्दारों को बचा रहे हैं.

गहलोत के इस नए दांव के बाद सोनिया गांधी के सामने राजस्थान में सीएम की कुर्सी से गहलोत को हटाना बेहद मुश्किल काम होगा. अगर गहलोत को इस्तीफे के लिए कहा जाता है तो गहलोत गुट बगावत पर उतर सकता है. बुधवार को गहलोत दिल्ली गए उससे पहले सीएम हाउस पर राठौड़ धारीवाल जोशी समेत अपने इन करीबी सिपाहसालारों से मिले. रणनीति तय की और अंजाम आज दिया. हैरानी ये है कि राठौड़ धारीवाल और महेश जोशी को 25 सिंतबर के बगावत कांड का मास्टरमाइंड मानते हुए पार्टी हाईकमान ने नोटिस दे रखा है. बावजूद न सिर्फ अभी तक गहलोत गुट की रणनीति के प्रमुख रणनीतिकार है. पार्टी हाईकमान को सीधे आंखे दिखा रहे है.

Tags: Ashok gehlot, Jaipur news, Rajasthan news

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