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खत्म हो रही दूरियां! पायलट गुट को किसान रैली में बुलाएंंगे गहलोत; वजह ये रही


पायलट समर्थक विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने कहा कि अगर पायलट को बुलऐंगे तो वे भी रैली में जाएंगे.

पायलट समर्थक विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने कहा कि अगर पायलट को बुलऐंगे तो वे भी रैली में जाएंगे.

Sachin Pilot vs Ashok Gehlot: राजस्थान में चार विधानसभा सीटों के उपचुनाव की तारीख अब जल्दी ही घोषित होने वाली है. उपचुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले कांग्रेस पायलट गुट की नाराजगी दूर करने के लिए प्रयासरत हो गई है. कांग्रेस ने 27 फरवरी को होने वाली किसान रैली में सचिन पायलट को बुलाने का फैसला किया है. उधर, बीजेपी ने फिर तंज कसा कहा गहलोत पायलट का एकदूसरे पर भरोसा नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 25, 2021, 8:38 PM IST
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जयपुर. राजस्थान में चार विधनसभा सीटों के उपचुनाव से पहले काग्रेस 27 फरवरी से चितौड़गढ़ के मातृकुंडिया मे किसान रैली करेगी. इस बार कांग्रेस सचिन पायलट को भी रैली में बुलाने जा रही है. इससे पहले गहलोत-पायलट गुट एकदूसरे की रैलियों में दूसरे गुट के नेताओं को बुलाने से परेहज कर रहे थे. इसकी वजह राजस्थान में चार सीटों के उपचुनाव हैं. राजस्थान में चार विधानसभा सीटों के उपचुनाव की तारीख अब जल्दी ही घोषित होने वाली है. उपचुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले कांग्रेस चितौड़गढ़ के मातृकुंडियां में 27 फरवरी को किसान रैली करने जा रही है. रैली में 50 हजार की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा. दरअसल, जिस जगह पर रैली की जा रही है. उसके पास ही राजमसंद, वल्लभनगर औऱ सहाड़ा विधानसभा सीट है जहां उपचुनाव होने है. रैली को चुनावी शंखनाद माना जा रहा है. पायलट की नाराजगी दूर करने के लिए अब रैली मे बुलाने की तैयारी है.

पायलट समर्थक विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने कहा कि अगर पायलट को बुलऐंगे तो वे भी रैली में जाएंगे. सोलंकी ने पार्टी को चेतावनी भी दे दी कि पायलट जैसे बड़े नेता को किनारे रखने के परिणाम चुनाव में भुगतने पड़ सकते है. उधर, बीजेपी ने फिर तंज कसा कहा गहलोत पायलट का एकदूसरे पर भरोसा नहीं. ये सरकार आज नहीं तो कल गिरेगी.

पुड्डुचेरी में कांग्रेस की सरकार गिरने के तत्काल बाद राजस्थान में पायलट गुट को मनाने की कोशिश तेज हो गई. पायलट गुट के 19 विधायकों की सदस्यता रद्द करने को लेकर दायर विशेष अनुमति याचिका सुप्रीम कोर्ट से वापस लेने की प्रकिया शुरू कर दी. याचिका राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष सीपी जोशी ने दायर की थी. अब सुप्रीम कोर्ट मे एसएलपी वापस लेने के लिए रजिस्ट्रार को पत्र लिखा गया.
अब गहलोत सरकार सफाई दी कि जब वापसी हो गई तो ये करना ही था.
दरअसल, सचिन पायलट गुट की बगावत के बाद जब विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने सदस्यता रद्द करने को लेकर बागी विधायकों को नोटिस दिया तो पायलट तब राजस्थान हाईकोर्ट पहुंच गए थ. हाईकोट ने स्पीकर के नोटिस पर ही स्टे कर दिया था. तब स्पीकर ने जुलाई में सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी. पायलट गुट की पिछले साल अगस्त में ही वापसी हो गई थी. बावजूद पिछले छह महीने से कोर्ट में केस चल रहा था. गहलोत सरकार पायलट के विधायकों की सदस्यता के मसले पर स्टैंड से पीछे नहीं हटी थी. लेकिन पायलट पिछले एक महीने से लगातार रैलियां कर शक्ति प्रदर्शन कर रहे है. पायलट के मंच पर विधायकों की बढ़ती संख्या ने पार्टी को चितित कर दिया.
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