भारत वाहिनी पार्टी आज घोषित कर सकती है 21 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची

कांग्रेस व बीजेपी में टिकटों के लिए मची आपाधापी के बीच वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी की नवगठित 'भारत वाहिनी पार्टी' शनिवार को अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकती है.

Babulal Dhayal | News18 Rajasthan
Updated: November 10, 2018, 10:14 AM IST
भारत वाहिनी पार्टी आज घोषित कर सकती है 21 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची
घनश्याम तिवाड़ी, प्रदेशाध्यक्ष भारत वाहिनी पार्टी। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।
Babulal Dhayal | News18 Rajasthan
Updated: November 10, 2018, 10:14 AM IST
कांग्रेस व बीजेपी में टिकटों के लिए मची आपाधापी के बीच वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी की नवगठित 'भारत वाहिनी पार्टी' शनिवार को अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकती है. उम्मीद जताई जा रही है कि पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष तिवाड़ी शनिवार को ही खुद भी सांगानेर से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दें. पार्टी की अन्य दलों के साथ गठबंधन को लेकर अभी तक भी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है.

जानकारों की मानें तो तिवाड़ी शनिवार को 21 सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा कर सकते हैं. पहली सूची में जिन सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए जाएंगे उनमें राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल के प्रभाव क्षेत्र वाली सीटें शामिल नहीं होंगी. तिवाड़ी का फोकस अलवर, भरतपुर, दौसा, करौली, सवाईमाधोपुर, कोटा, चित्तौड़गढ और उदयपुर के साथ अजमेर पर ज्यादा है. जोधपुर और बीकानेर शहर से भी तिवाड़ी अपने उम्मीदवार उतार सकते हैं. प्रत्याशियों के चयन में सोशल इंजीनियरिंग का पूरा ध्यान रखा जाएगा.

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माकपा- बसपा और राजपा से गठबंधन की चर्चाएं खत्म

तिवाड़ी की पार्टी की माकपा- बसपा और राजपा से गठबंधन की चर्चाएं खत्म हो गई हैं. अब सिर्फ लोकदल और हनुमान बेनीवाल की पार्टी के साथ गठबंधन की खबरें सुर्खियां बन रही हैं. इससे साफ जाहिर है कि फिलहाल तिवाड़ी और बेनीवाल ही इस दिशा में साथ साथ चलेंगे.

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देखो और प्रतीक्षा करो की नीति पर चल रहे हैं तिवाड़ी व बेनीवाल
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तिवाड़ी और हनुमान बेनीवाल की निगाहें बीजेपी और कांग्रेस की उम्मीदवारों की सूची पर भी टिकी हैं. जैसे ही दोनों बड़े दलों के उम्मीदवारों की घोषणा होगी वैसे टिकट न मिलने से नाराज नेता तिवाड़ी और बेनीवाल की पार्टी का दामन थाम सकते हैं. इसलिए दोनों ही नेता देखो और प्रतीक्षा करो की नीति पर चल रहे हैं ताकि बड़े नेताओं को अपने पाले में लाकर दोनों ही दलों को मजबूत किया जा सके.
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