दागी प्रत्याशियों पर निर्वाचन विभाग का शिकंजा, सार्वजनिक करनी होगी जानकारी

चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार के खिलाफ यदि कोई अपराधिक मामला दर्ज है तो उसे उसकी जानकारी चुनाव आयोग को देने के साथ ही प्रिन्ट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया में व्यापक स्तर पर प्रचारित-प्रसारित करवाना अनिवार्य होगा.

Prem Meena | News18 Rajasthan
Updated: October 13, 2018, 3:17 PM IST
दागी प्रत्याशियों पर निर्वाचन विभाग का शिकंजा, सार्वजनिक करनी होगी जानकारी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार।
Prem Meena | News18 Rajasthan
Updated: October 13, 2018, 3:17 PM IST
भारत निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णयानुसार चुनावों में उम्मीदवारों द्वारा भरे जाने वाले फॉर्म संख्या-26 में संशोधन किया है. इसके तहत चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार के खिलाफ यदि कोई अपराधिक मामला दर्ज है तो उसकी जानकारी चुनाव आयोग को देने के साथ ही उसे प्रिन्ट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया में व्यापक स्तर पर प्रचारित-प्रसारित करवाना अनिवार्य होगा.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान नामांकन दाखिल करने वाले प्रत्येक उम्मीदवार को शपथ पत्र के साथ फॉर्म नंबर-26 में अपनी सम्पत्ति, शैक्षणिक योग्यता और यदि कोई आपराधिक मामले या मामला हो तो उसकी जानकारी अनिवार्य रूप से देनी होगी. उम्मीदवारों को नामांकन के दौरान मोटे अक्षरों में आपराधिक मामलों की जानकारी दर्शानी होगी. साथ ही जिस पार्टी से टिकट ले रहे हैं उसे भी आपराधिक मामलों के बारे में सूचित करना होगा.

कम से कम तीन बार करानी प्रसारित
राजनैतिक दलों को भी उम्मीदवारों से प्राप्त सूचना को अपनी वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से दर्शाना होगा. इसके अलावा प्रत्येक उम्मीदवार को नामांकन दाखिल करने के बाद आपराधिक मामलों की जानकारी (यदि कोई हो तो) प्रिन्ट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया में व्यापक तौर पर (कम से कम तीन बार) प्रकाशित और प्रसारित करवानी होगी. यह जानकारी तीन अलग-अलग तिथियों में नामांकन वापसी और मतदान तिथि से 2 दिन पूर्व 12 साइज के फॉन्ट में अपनी विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित करवानी होगी. इसी तरह इलेक्ट्रोनिक मीडिया में भी मतदान से 48 घंटे पूर्व तक तीन बार अलग-अलग तिथियों में यह जानकारी प्रसारित करवानी होगी.
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