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RJ Budget session: विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी और विपक्ष के हमलों से सवालों के कटघरे में मंत्री

सदन में बिना तैयारी के आने वाले विधायकों और मंत्रियों की लगी क्लास.

सदन में बिना तैयारी के आने वाले विधायकों और मंत्रियों की लगी क्लास.

स्कूल की क्लास मेंं जैसे बिना तैयारी के जाने वाले स्टूडैंट का टीचर की डांट पड़ती है, वैसे ही विधानसभा सत्र के दौरान ​बगैर तैयारी जाने वाले मंत्रियों को कभी स्पीकर की तो कभी अपनों व प्रतिपक्ष की ही नाराजगी झेलनी पड़ रही है. स्पीकर सीपी जोशी पहले भी मंत्रियों को पूरी तैयारी के साथ सदन में आने की हिदायत दे चुके हैं.

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जयपुर. इन दिनों राज्य विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है. प्रश्नकाल के दौरान मंत्रियों की जिम्मेदारी होती है कि वे न सिर्फ अपने विभाग से संबंधित प्रश्न लगने पर मौजूद रहें, बल्कि उसका सही-सही जवाब भी विधानसभा सदस्यों को दें. कुछ मंत्री तो इसके लिए बकायदा तैयारी करके सदन में पहुंचते हैं, जबकि कुछ मंत्री आधी-अधूरी जानकारी के साथ उपस्थित होते हैं. ऐसे में सवाल का सही जवाब न दे पाने के कारण उन्हें नाराजगी से दो-चार होना पड़ता है. पिछले दिनों प्रश्नकाल में सवाल लगने के बावजूद संबंधित मंत्रियों के मौजूद न रहने पर भी स्पीकर ने नाराजगी जताई थी.

विधानसभा में शुक्रवार को कुछ मंत्री स्पीकर और विपक्ष के हमलों से घिर गए. दरअसल, कोई मंत्री तो सवाल का सही जवाब ही नहीं दे पाए और किसी ने गलत जवाब पढ़ दिया. गौ सेस की धनराशि खर्च नहीं कर पाने के मामले में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल प्रतिपक्ष के आरोपों का जवाब ही नहीं दे पाए. मावली विधायक धर्म नारायण जोशी ने पूछा कि गौ संरक्षण के लिए किस मद में कितनी राशि मिली और अब तक कितनी, कहां खर्च हुई है ? धारीवाल जवाब देने के बजाए पिछली सरकार में गौ संरक्षण का हिसाब गिनाने लगे।

नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने पूछा कि जून 2019 के बाद कितना बजट दिया ? खर्च का ब्योरा देने के बजाए उन्होंने बताया कि गौ संरक्षण अधिभार में स्टांप व शराब पर सेस से 2259 करोड़ रुपए मिले हैं. इस पर स्पीकर को टोकना पड़ा कि विपक्ष प्रश्न पूछ रहा ​है कि जून 19 के बाद गौशालाओं को पैसा दिया गया या नहीं ? इस पर धारीवाल को कहना पड़ा कि इसका रिकार्ड मेरे पास नहीं है. बाद में भिजवा देंगे.



इसी प्रकार उदयपुर ग्रामीण से भाजपा विधायक पूल सिंह मीणा ने नीलगाय रोजड़ों द्वारा फसल को नष्ट करने का मुदृदा उठाया. वन मंत्री सुखराम विश्नोई इसके जवाब में बोले कि रोजड़ों से बचाने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत तारबंदी का लक्ष्य है, इसमें किसानों को भी लागत का पचास प्रतिशत लगाना होगा. टारगेट के हिसाब से तारबंदी करवाई जाएगी। इस पर ने तंज कसा- मंत्रीजी आपके टारगेट के हिसाब से रोजड़े आएंगे क्या ? किसानों की फसलों को रोजड़े नष्ट कर रहे हैं और तारबंदी का टारगेट लेकर बैठ गए. आप किसान की जरूरत के हिसाब से योजना बनाइए.
इसके अलावा रायसिंहनगर के गांवों में भूमि चकबंदी से जुड़े सवाल पर राजस्व मंत्री हरीश चौधरी शुरु में किसी दूसरे ही सवाल का जवाब पढ़ने लग गए. स्पीकर सीपी जोशी ने टोका कि वे गलत जवाब पढ़ रहे हैं. स्पीकर के टोकने पर मंत्री चौधरी ने अपनी गलती मान ली और कहा—सॉरी सर, मैं भी इंसान हूं, गलती हो जाती है.
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