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बारां कलक्टर घूस कांड: IAS इंद्र सिंह राव का निलंबन 120 दिन और बढ़ा, जानिए क्या है पूरा मामला

बारां कलक्टर घूस कांड: IAS इंद्र सिंह राव का निलंबन 120 दिन और बढ़ा, जानिए क्या है पूरा मामला

भ्रष्टाचार के मामले में एसीबी ने इंद्र सिंह राव को गिरफ्तार कर लिया था. पूछताछ के बाद जब ब्यूरो ने राव को दुबारा कोर्ट में पेश किया तो वहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया था.

भ्रष्टाचार के मामले में एसीबी ने इंद्र सिंह राव को गिरफ्तार कर लिया था. पूछताछ के बाद जब ब्यूरो ने राव को दुबारा कोर्ट में पेश किया तो वहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया था.

राज्य सरकार ने रिश्वत मामले में पकड़े गए बारां के पूर्व कलक्टर आईएएस इन्द्र सिंह राव (IAS Indra Singh Rao) की निलंबन अवधि (Suspension period) चार महीने के लिए और बढ़ा दी गई है.

जयपुर. रिश्वत लेने के मामले (Bribery Case) में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के हत्थे चढ़े बारां जिले के पूर्व जिला कलक्टर इन्द्र सिंह राव (IAS Indra Singh Rao) की निलंबन अवधि को 120 दिन और बढ़ा दिया गया है. मुख्य सचिव निरंजन आर्य की अध्यक्षता में सोमवार को इस संबंध में हुई अहम बैठक में उनकी निलंबन अवधि 120 दिन बढ़ाने पर मुहर लगा दी गई. सचिवालय में हुई बैठक में गंभीर प्रकरण के मद्देनजर राव का निलंबन काल (Suspension period) बढ़ाया गया है.

राव को राज्य सरकार ने चार जनवरी को निलंबित कर दिया था. उनके निलंबन आदेश में कार्मिक विभाग ने 23 दिसंबर से इन्द्र सिंह राव को निलंबित माने जाने के आदेश जारी किए थे. राव की निलंबन की अवधि की समाप्ति को देखते हुए मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने कार्मिक विभाग के अधिकारियों के साथ आज बैठक की.. बैठक में राव के निलंबन को 120 दिन के लिए और बढ़ाए जाने पर मुहर लगाई गई.

एसीबी ने रिश्वत केस पकड़ा था
एसीबी की टीम ने 9 दिसंबर को बारां के जिला कलक्टर इंद्र सिंह राव के निजी सहायक (पीए) को पेट्रोल पम्प का अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी करने के एवज में एक लाख 40 हज़ार रुपए की कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. इस मामले में बारां कलक्टर इन्द्र सिंह का नाम आने के बाद उनको कलक्टर के पद से हटा दिया गया था. उसके बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने इंद्र सिंह राव को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के बाद जब ब्यूरो ने राव को दुबारा कोर्ट में पेश किया तो वहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया था.

केन्द्र की अनुशंसा से बढ़ती है निलंबन अवधि
अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन एवं अपील) संशोधन नियम-2015 के मसौदे के अनुसार निलंबन को एक हफ्ते से जारी रखने के लिए राज्य सरकार को सिविल सर्विसेज बोर्ड या केन्द्रीय समीक्षा समिति की सहमति की जरुरत होती है. केन्द्र की समीक्षा समिति का नेतृत्व संबंधित मंत्रालय (आईएएस के लिए कार्मिक, आईपीएस के लिए गृह और आईएफएस के लिए वन) के सचिव द्वारा किया जाता है. जबकि राज्य स्तर पर इसका नेतृत्व मुख़्य सचिव के पास होता है. केन्द्र सरकार के नियमों के मुताबिक सेवा के किसी सदस्य को निलंबित किए जाने या निलंबन जैसी स्थिति में रखे जाते ही इस संबंध में भारत सरकार को तेजी से और निश्चित तौर पर 48 घंटे में सूचना देनी होती है.

Tags: Anti corruption bureau, Corruption, Corruption news, IAS Officer

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