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राजस्थान को मिली रिफाइनरी की सौगात से बदलेगी रेगिस्तान की सूरत

फोटो-(सीएम राजे के फेसबुक पेज से)
फोटो-(सीएम राजे के फेसबुक पेज से)

बाड़मेर जिले के पचपदरा में रिफाइनरी के लिए आज पेट्रोलियम कॉपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के साथ एमओयू होने जा रहा है.

  • Last Updated: April 18, 2017, 6:51 PM IST
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राजस्थान को रिफाइनरी की सौगात मिली है. बाड़मेर का क्रूड ऑयल अब पचपदरा की ईको फ्रेंडली रिफाइनरी में प्रोसेस होगा. खास बात यह है कि कांग्रेस शासन में किए गए एमओयू से बेहद किफायती है. रिफाइनरी की कुल लागत 430129 करोड़ रुपए आएगी.

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे एवं केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की मौजूदगी में राजस्थान सरकार ने एचपीसीएल के साथ करार किया. इस अवसर पर शहरी गैस वितरण के लिए गेल के साथ भी सहमति पत्र पर करार किया गया. कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, केबिनेट एवं राज्य मंत्री, कई जिलों के जिला प्रमुख और सत्ता संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे.

कांग्रेस सरकार के फैसले को वित्तीय भार अधिक होने की वजह से नकारने वाली भाजपा सरकार ने नए सिरे से रिफाइनरी के लिए एमओयू किया है.



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इस दौरान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति करने वालों के लिए यह विकास और निवेश के रूप में आइना है. एमओयू के बाद मंच से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट पर मानसून के बाद से काम शुरू हो जाए इसके लिए मॉनिटरिंग करते रहेंगे. जनता को जमीनी स्तर पर काम दिखना चाहिए. कांग्रेस शासन की तरह केवल पत्थर लगाने की बात नहीं होगी.

उन्होंने कहा कि इस एमओयू की गूंज बाड़मेर के गांव तक सुनाई दे रही है. राजनीति करने वालों के मंसूबे फेल हुए हैं. सीएम राजे ने कहा कि राजस्व, रोजगार और निवेश का नया आयाम रिफाइनरी पैदा करेगी. शहरी गैस वितरण में इजाफे के लिए गेल कंपनी को चारों स्मार्ट शहरों में जल्द सप्लाई की बात कही.

वहीं प्रदेश सरकार और एचपीसीएल के एमओयू के गवाह बने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राजस्थान में अगर रिफाइनरी मूर्त रूप ले रही है तो इसका पूरा क्रेडिट मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को जाता है.

उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों के साथ वंसुधरा राजे की ओर से राजस्थान के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की. उन्होंने कहा कि रिफाइनरी की शुरुआत के बाद पेट्रो-कैमिकल क्षेत्र में प्रवासी राजस्थानियों के लिए निवेश के रास्ते खुलेंगे. प्रधान ने सिंगल विंडो क्लीरियेंस के जरिए रिफाइनरी से जुड़े अन्य मसलों को जल्द अनुमति देने की बात कही.

एचपीसीएल के साथ हुए करार पर राजस्थान सरकार की ओर से खान एवं पेट्रोलियम सचिव अपर्णा अरोड़ा ने एवं एचपीसीएल की ओर से रिफाइनरी निदेशक विनोद एस शिनॉय ने हस्ताक्षर किए.

कार्यक्रम राजस्थान सरकार का पूरा मंत्रीमंडल एवं सत्ता संगठन से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे. सभी ने उम्मीद जताई कि इस बार का करार वित्तीय लिहाज से लाभ का एमओयू है. अब इंतजार नहीं रिफाइनरी पर सिर्फ काम होगा.

 
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