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Be Alert : नाबालिगों से रेप और छेड़छाड़, पड़ोसी, रिश्तेदारों और परिचितों ने तोड़ा भरोसा, 89% ये ही हैं आरोपी

Rakesh Gusai | News18 Rajasthan
Updated: December 10, 2019, 6:27 PM IST
Be Alert : नाबालिगों से रेप और छेड़छाड़, पड़ोसी, रिश्तेदारों और परिचितों ने तोड़ा भरोसा, 89% ये ही हैं आरोपी
89 प्रतिशत नाबालिग बच्चियां अपनों की हवस, क्रूरता, दरिंदगी और हैवानियत के अलावा गंदी सोच का शिकार हुई हैं.

प्रदेश में नाबालिग बच्चियों (Minor girls) के साथ, छेड़छाड़, रेप और हत्या (Molestation, rape and murder) की घटनाओं को देखते हुए राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) ने एक सर्वे कराया है. इसके नतीजे न केवल चौंकाने वाले हैं, बल्कि आम और खास को चिंता में डालने वाले भी हैं.

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जयपुर. प्रदेश में नाबालिग बच्चियों (Minor girls) के साथ, छेड़छाड़, रेप और हत्या (Molestation, rape and murder) की घटनाओं को देखते हुए राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) ने हाल ही में एक सर्वे कराया है. इसके नतीजे न केवल चौंकाने वाले हैं, बल्कि आम और खास को चिंता में डालने वाले भी हैं. ये नतीजे बता रहे हैं कि बच्चियों का शारीरिक शोषण (physical abuse) करने वाले और कोई नहीं हैं बल्कि हमारे ही अपने परिचित, पड़ोसी और रिश्तेदार (Acquaintances, neighbors and relatives) ही हैं. अनजान लोगों की तादाद कम है.

अनजान लोग महज 11 प्रतिशत हैं
सर्वे के लिए प्रदेशभर में नाबालिग बच्चियों के साथ हो रहे रेप की घटनाओं को पहले क्लब किया गया. फिर आरोपियों और पीड़िता के रिश्तों के बारे में जांच की गई. इसमें पता चला की 89 फीसदी मामलों में परिवार के सदस्य, परिवार के सदस्यों के दोस्त या कॉलोनी वाले ही आरोपी निकले. साफ है कि 89 प्रतिशत नाबालिग बच्चियां अपनों की हवस, क्रूरता, दरिंदगी और हैवानियत के अलावा गंदी सोच का शिकार हुई हैं. प्रदेश में सिर्फ 11 प्रतिशत पीड़ित बच्चियां ही ऐसी हैं जो अनजान लोगों की गंदी नजर से गुजरी हैं.

बच्चियों पर बुरी नजर के हालात बेहत चिंताजनक

एडीजी क्राइम बीएल सोनी बताते हैं कि अधिकांश मामलों में बेहद नजदीकी रिश्तेदार ही अभियुक्त निकले हैं. सर्वे रिपोर्ट को गंभीरता से देखें तो 18 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों पर बुरी नजर के हालात बेहत चिंताजनक हैं. प्रदेश पुलिस की सिविल राइट्स विंग ने बच्चियों के साथ हुए अपराध के बारे में एक रिपोर्ट तैयार की है. उम्र के हिसाब से सर्वे रिपोर्ट के अनुसार 0-6 छह वर्ष की बच्चियों के साथ तीन प्रतिशत, 6-12 वर्ष की बच्चियों के साथ 19 प्रतिशत, 13-16 वर्ष की किशोरियों के साथ 46 प्रतिशत और 16 से 18 वर्ष की बच्चियों के साथ 32 प्रतिशत लोगों ने ज्यादती की है.

Be Alert : नाबालिगों से रेप और छेड़छाड़- 89% पड़ोसी, रिश्तेदारों और परिचितों का हाथ ने तोड़ा भरोसा, 89% ये ही हैं आरोपी Be Alert : Raped and molested from minors-Neighbors, relatives and acquaintances break trust, 89% accused-89% accused all of them
एडीजी क्राइम बीएल सोनी.


अधिकांश अपने ही हैंवहीं अगर रिश्तों के अनुसार देखें तो प्रदेश में 37 प्रतिशत बच्चियों के साथ मित्र और पड़ोसी ने, 12 प्रतिशत बच्चियों के साथ रिश्तेदार, 40 प्रतिशत बच्चियों के साथ अन्य परिचित व्यक्तियों ने और 11 प्रतिशत बच्चियों के साथ अनजान लोगों ने अत्याचार किया है. इन आंकड़ों में छेड़छाड़ और रेप की वारदातें शामिल हैं.

बेटी किस पर विश्वास करे और किस पर नहीं
केन्द्र और राज्य सरकार 'बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ' पर खासा जोर दे रही है. देना भी चाहिए क्योंकि अगर बेटियां आगे बढेंगी तो परिवार आगे बढ़ेगा. परिवार के साथ-साथ समाज भी आगे बढ़ेगा. लेकिन उसी बेटी पर अगर अपनों की और रिश्तेदारों की गंदी नजरें टिकी हों तो फिर वह बेटी किस पर विश्वास करे और किस पर नहीं. उसके लिए यह समझ पाना बहुत कठिन हो जाता है.

बच्चों को गुड और बैड टच के बारे में जानकारी दें
यह सर्वे साफ बताता है कि यदि हम खुद सतर्क रहें और अपनों की ओर से बच्चियों पर रखी गई गंदी नजर को पहचाने तभी हम उनको सुरक्षित रख सकेंगे. बच्चों को गुड और बैड टच के बारे में जानकारी दें ताकि कुछ हद तक इस पर लगाम लग सके.

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First published: December 10, 2019, 6:24 PM IST
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