लॉकडाउन के बाद जयपुर में 50% बढ़ी साइकिल की बिक्री, गोदाम हुआ आउट ऑफ स्टॉक

उन्हें लगता है कि यह सेहत ठीक रखने का यह सबसे सस्ता, सुंदर व टिकाउ जरिया है. (सांकेतिक फोटो)
उन्हें लगता है कि यह सेहत ठीक रखने का यह सबसे सस्ता, सुंदर व टिकाउ जरिया है. (सांकेतिक फोटो)

जयपुर में आनंद साइकिल स्टोर (Anand Cycle Store)के गोकुल खत्री कहते हैं कि लॉकडाउन के बाद साइकिलों की बिक्री 15 से लेकर 50 प्रतिशत बढ़ी है.

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जयपुर. दुनिया में साइकिल (Bicycle) के प्रमुख बाजार भारत में पिछले पांच महीने में साइकिलों की बिक्री लगभग दोगुना हो गयी है. ऐसे में कई शहरों में लोगों को अपनी पसंद की साइकिल खरीदने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है. जानकारों के अनुसार देश में पहली बार लोगों का साइकिल को लेकर ऐसा रुझान देखने को मिला है और इसकी एक बड़ी वजह कोरोना महामारी (Corona Epidemic) के बाद लोगों का अपनी सेहत को लेकर सजग होना भी है. खास कर बात यदि राजस्थान (राजस्थान) की करें तो यहां पर लोगों को साइकिल के लिए इंतजार करना पड़ा रहा है. स्टॉक में साइकिल खत्म हो गई है.

जयपुर में आनंद साइकिल स्टोर के गोकुल खत्री कहते हैं कि लॉकडाउन के बाद साइकिलों की बिक्री 15 से लेकर 50 प्रतिशत बढ़ी है. वे कहते हैं कि लोग जरूरी काम निपटाने के साथ साथ वर्जिश के लिहाज से भी साइकिल खरीद रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह सेहत ठीक रखने का यह सबसे सस्ता, सुंदर व टिकाउ जरिया है.

इन साइकिलों की हो रही बिक्री
मानसरोवर के एक अन्य दुकानदार के अनुसार इस समय सबसे अधिक बिक्री 10,000 रुपये या इससे आपपास मूल्य की ऐसी साइकिलों की है जिन्हें 'रफ टफ' इस्तेमाल किया जा सके. कोरोना वायरस महामारी के चलते लागू किए गए लॉकडाउन के चलते विनिर्माण को लेकर चुनौतियां भी आईं.




साइकिलों की मांग में उछाल आया है
एक प्रमुख साइकिल कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अनलॉक शुरू होते ही जहां साइकिलों की मांग में उछाल आया, वहीं मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन करना मुश्किल हो रहा था. हालांकि, बीते पांच महीने में हमने हालात काबू में कर लिए हैं और अब उत्पादन सामान्य स्तर की ओर जा रहा है.’’ उन्होंने बताया कि कई जगह पर कुछ विशेष मॉडल की साइकिल अभी भी स्टॉक में नहीं हैं. खासतौर से गियर वाली साइकिलें. उन्होंने कहा कि यह कमी जल्द दूर हो जाएगी.
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