लाइव टीवी

जयपुर: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के नाम पर करोड़ों की ठगी, फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का खुलासा
Jaipur News in Hindi

Sourabha Grahasthi | News18 Rajasthan
Updated: February 3, 2020, 7:06 PM IST
जयपुर: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के नाम पर करोड़ों की ठगी, फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का खुलासा
आरोपी फर्जी चेक में लाखों रुपए लोन की कीमत भरकर फर्जी लोन सैंक्शन लेटर ग्राहकों को दिखाते हैं. इसकी एवज में लोन रकम का 10 फीसदी एडवांस लेकर गायब हो जाते हैं.

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana) के तहत लोन दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपए ठगने (Cheating) का मामला सामने आया है. इस मामले में जयपुर की करधनी थाना पुलिस (Police) ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार (Arrested) किया है.

  • Share this:
जयपुर. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana) के तहत लोन दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपए ठगने (Cheating) का मामला सामने आया है. इस मामले में राजधानी जयपुर की करधनी थाना पुलिस (Police) ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार (Arrested) किया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से सैकड़ों की संख्या में ग्राहकों के प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के फॉर्म आईडी और काफी संख्या में लाखों रुपए भरे हुए फर्जी चेक (Fake check) बरामद किए हैं. यह गिरोह राजस्थान समेत उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश में सक्रिय है.

ग्राहकों को फर्जी चेक और लोन सैंक्शन लेटर दिखाते हैं
पुलिस ने बताया कि आरोपी प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ग्राहकों को लघु उद्योग के नाम से लोन दिलाने के नाम पर 1000 रुपये का फॉर्म भरते थे. बाद में फर्जी चेक में लाखों रुपए लोन की कीमत भरकर फर्जी लोन सैंक्शन लेटर ग्राहकों को दिखाते हैं. इसकी एवज में लोन रकम का 10 फीसदी एडवांस लेकर गायब हो जाते हैं. पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने अब तक मध्य प्रदेश में करीब एक करोड़ रुपए, यूपी में करीब 2 करोड़ रुपए और राजस्थान में भी लाखों रुपए के फर्जी चेकों का वितरण किया है. पुलिस अब इस मामले में आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश कर रही है. पकड़े गए आरोपियों में शशिकांत शर्मा उत्तरप्रदेश के आगरा, प्रदीप सिंह जयपुर और रणजीत सिंह मध्यप्रदेश के भिंड का रहने वाला है.

करधनी थाने में दर्ज हुआ था मामला

इस संबंध में झोटवाड़ा निवासी अर्जुन सिंह ने करधनी थाने में पिछले दिनों एक मामला दर्ज कराया था. सिंह ने अपनी शिकायत में बताया था कि आरोपियों ने उससे संपर्क किया. आरोपियों ने उसे बताया कि उन्होंने परफेक्ट माइक्रो मिनी यार्ड इंटरप्राइजेज और सेडा नाम से आगरा में कंपनी खोल रखी है. उनके पास प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लघु उद्योग के लिए लोन दिलाने का टेंडर है. इसमें तीन प्रकार के लोन दिए जाते हैं. इनके तहत शिशु लोन में 50 हजार, किशोर लोन में 50 हजार से 5 लाख रुपए तक का और तरुण लोन में 5 लाख से 10 लाख रुपए तक लोन दिए जाते हैं.

आरोपी यह दस्तावेज लेकर करते हैं खेल
आरोपियों ने बताया कि यह लोन स्वरोजगार के लिए सूक्ष्म और लघु उद्योग के लिए दिए जाते हैं. आरोपियों ने लोन प्रक्रिया के बारे में बताया कि ग्राहक का आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की फोटो कॉपी, दो पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर, मेल आईडी चाहिए होगी. उसके बाद एक ग्राहक को 1000 फॉर्म के लिए देना होगा. लोन स्वीकृत होने के बाद लोन रकम का 10 फीसदी देना होगा. इस प्रक्रिया के 120 दिन बाद में लोन स्वीकृत होगा. इस पर मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त बजरंग सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई जिसने इस पूरे मामले की छानबीन की. 

सीकर: इंटरनेट पर देखकर बनाते थे नकली नोट, खुद ही चलाते थे, 9 युवक गिरफ्तार

 

दौसा: जिस्मफरोशी का ऑनलाइन हाईटेक खेल, दो लड़कियों समेत चार लोग गिरफ्तार

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए जयपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 3, 2020, 7:01 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर