Rajasthan: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, तय समय पर 31 अक्टूबर तक ही होंगे जयपुर,जोधपुर और कोटा नगर निगमों के चुनाव

सरकार चाहे तो हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी अपील कर सकती है.
सरकार चाहे तो हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी अपील कर सकती है.

राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर, जोधपुर और कोटा के 6 नगर निगमों (Election of municipal corporations) के चुनाव टालने के राज्य सरकार के प्रार्थना-पत्र को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि चुनाव तय समय (Set time) पर ही करायें जायें.

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जयपुर. राजधानी जयपुर, जोधपुर और कोटा के नवगठित 6 नगर निगमों के चुनाव (Election of municipal corporations) के समय पर ही होंगे. राजस्थान हाई कोर्ट (High Court) ने राज्य सरकार के उस प्रार्थना पत्र को खारिज (Dismissed) कर दिया, जिसमें सरकार ने छह माह के लिए चुनाव टालने की मांग की थी. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जब बिहार में चुनाव हो सकते हैं और राज्य में पंचायत चुनाव हो रहे हैं तो फिर सरकार निगम के चुनाव क्यों टालना चाहती है. सीजे इंद्रजीत माहंती की खण्डपीठ ने कहा कि बार-बार चुनाव टाले जाए इसका कोई कारण नहीं बनता है. ऐसे में अब सरकार को 31 अक्टूबर तक तीनों जगह चुनाव कराने होंगे. सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा कि वह तय समय पर चुनाव कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है.

अक्टूबर 2019 में होने थे चुनाव
जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर-निगम में पहले अक्टूबर 2019 तक चुनाव होने थे. लेकिन राज्य सरकार ने तीनों नगर निगमों का विभाजन कर दिया था. इससे नियमों के तहत राज्य निर्वाचन आयोग को तैयारियों के लिए छह माह का समय और मिल गया था. उसके बाद 5 अप्रेल 2020 को चुनाव की तारीख तय की गई थी. लेकिन कोरोना के चलते राज्य सरकार के प्रार्थना-पत्र पर हाई कोर्ट ने चुनाव 6 सप्ताह के लिए टाल दिए थे. उसके बाद फिर सरकार ने कोरोना का हवाला देकर हाई कोर्ट से 31 जुलाई तक चुनाव टलवा लिए. जुलाई की मियाद खत्म होने से पहले सरकार ने तीसरी बार प्रार्थना-पत्र दायर करके एक बार फिर कोर्ट से चुनाव टालने की गुहार लगाई. इस पर कोर्ट ने 31 अक्टूबर तक चुनाव कराने के निर्देश दिए. लेकिन आज एक बार फिर सरकार ने प्रार्थना-पत्र लगाकर चुनाव छह माह तक टालने की मांग की थी. उसे कोर्ट ने ठुकरा दिया.

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चुनाव आयोग ने कहा कि हम तैयार हैं


कोर्ट के रुख को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग के अधिवक्ता आरबी माथुर ने कोर्ट में कहा कि आयोग तय समय पर चुनाव कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है. कोर्ट जो भी आदेश पारित करेगा निर्वाचन आयोग उसे मानने के लिए पूरी तरह से तैयार है. हालांकि राज्य सरकार की दलीलों के बाद आयोग ने भी कोर्ट से 15 नवम्बर तक चुनाव टालने की प्रार्थना की, लेकिन कोर्ट ने उसे नहीं माना. कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि निगम चुनाव कराने की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग की है. आयोग तय समय सीमा के अंदर चुनाव सम्पन्न करवाए.

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सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकती है सरकार
हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद अब सरकार को 31 अक्टूबर तक निगम चुनाव सम्पन्न कराने होंगे. सरकार व निर्वाचन आयोग के पास इसके लिए केवल 1 माह का समय ही बचा है. ऐसे में जानकारों का मानना है कि सरकार चाहे तो हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी अपील कर सकती है. हालांकि पंचायत चुनावों के मामलें में राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से कोई खास राहत नहीं मिली थी. ऐसे में निगम चुनावों को लेकर सरकार क्या अपील करेगी इस पर अभी संशय बना हुआ है.
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