राज्य सरकार का बड़ा फैसला, एमएसीटी से जुड़े करीब 19 हज़ार मुकदमे लेगी वापस

अगर आपका कभी चालान हुआ हो या फिर ट्रैफिक पुलिस ने आपका लाइसेंस और आरसी जब्त करके आपके खिलाफ मामला दर्ज किया था तो आपके लिए एक अच्छी खबर है. सरकार इस तरह के करीब 19 हजार मामलों को अब वापस लेने जा रही है.

Sachin Kumar | News18 Rajasthan
Updated: July 12, 2019, 10:45 PM IST
राज्य सरकार का बड़ा फैसला, एमएसीटी से जुड़े करीब 19 हज़ार मुकदमे लेगी वापस
30 जून, 2018 से पहले के मामले होंगे वापस. फाइल फोटो।
Sachin Kumar | News18 Rajasthan
Updated: July 12, 2019, 10:45 PM IST
अगर आपका कभी चालान हुआ था या फिर ट्रैफिक पुलिस ने आपका लाइसेंस और आरसी जब्त करके आपके खिलाफ मामला दर्ज किया था तो अब आपके लिए एक अच्छी खबर है. राज्य सरकार इस तरह के करीब 19 हजार मामलों को अब वापस लेने जा रही है. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल पर सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है. सरकार एमएसीटी और मोबाइल मजिस्ट्रेट अदालतों में लंबित करीब 19 हजार मामले वापस लेगी.

30 जून, 2018 से पहले के मामले होंगे वापस


शनिवार को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में इन सभी मामलों का निस्तारण किया जाएगा. सरकार अब 30 जून, 2018 से पहले काटे गए सभी चालान, जब्त लाइसेंस, आरसी व अन्य दस्तावेजों से जुड़े लंबित मामले वापस लेगी. ऐसे में अगर नियत तिथि से पहले इस तरह का कोई भी मामला आप पर लंबित चल रहा है या फिर आपका कोई दस्तावेज जब्त है तो उनका निस्तारित होने के बाद आपको को वो आसानी से मिल जाएंगे.

ये मामले होंगे निस्तारित

एमएसीटी और मोबाइल मजिस्ट्रेट कोर्ट में करीब 35 हजार मामले लंबित हैं. इनमें से 19 हजार मामले सरकार वापस लेगी. 30 जून, 2018 से पहले के ट्रैफिक पुलिस व परिवहन विभाग से जुड़े सभी मामले वापस होंगे. इस अवधि में यदि कभी आपका चालान कटा हो. पुलिस या आरटीओ ने आपका लाइसेंस व गाड़ी की आरसी जब्त की हो. दोनों ही सूरतों में आपने इसे कंपाउड नहीं कराया है और अभी तक मामला लंबित चल रहा है तो वह शनिवार से नहीं रहेगा. आप बिना किसी परेशानी के अपने जब्त दस्तावेज प्राप्त कर सकेंगे. लेकिन राजस्व वसूली से जुड़े मामले इनमें शामिल नहीं होंगे.

2.80 लाख मामले सूचीबद्ध किए गए हैं
लोक अदालत में बीमा, एनआई एक्ट, पारिवारिक मामले, औद्योगिक विवाद, सेवा व पेंशन से जुड़े लंबित व प्री. लिटगेशन के मामलों को भी आपसी समझाइश से निस्तारित किया जाएगा. लोक अदालत के लिए प्रदेश में करीब 2.80 लाख मामले सूचीबद्ध किए गए हैं. इनमें 1,86,716 लंबित और 93, 479 प्री. लिटिगेशन के मामले हैं. वहीं हाईकोर्ट जोधपुर में 1231 और जयपुर पीठ में 951 मामले सूचीबद्ध किए गए हैं. लोक अदालत का आयोजन हाईकोर्ट से लेकर अधीनस्थ अदालतों तक में होगा. इस मौके पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने 10 हजार पौधे लगाने का भी लक्ष्य रखा है.
Loading...

जनवरी-फरवरी में होंगे पंचायत चुनाव, आयोग ने जारी किए आदेश 

जोधपुर में जाम्भा जी मंदिर के शिवदास महाराज ने की आत्महत्या
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...