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    Big News: मास्क पर कानून बनाने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बना, अब इसे पहनना अनिवार्य

    मंत्री धारीवाल ने कहा कि समूचे विश्व के स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय के अनुसार मास्क के जरिये ही इस महामारी के फैलाव को नियंत्रित कर लाखों का जीवन बचाया सकता है.
    मंत्री धारीवाल ने कहा कि समूचे विश्व के स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय के अनुसार मास्क के जरिये ही इस महामारी के फैलाव को नियंत्रित कर लाखों का जीवन बचाया सकता है.

    Big News: राजस्थान में अब मास्क (Mask) पहनना कानूनन अनिवार्य होगा. राजस्थान विधानसभा में इससे जुड़े विधेयक को पास कर दिया गया है.

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    जयपुर. राजस्थान में सार्वजनिक स्थानों, कार्यालयों और समारोहों में मास्क (Mask) पहनना अब कानूनी रूप से अनिवार्य (Legally mandatory) होगा. इस बाबत विधानसभा में लाए गए विधेयक को बहस के बाद पारित कर दिया गया है. राजस्थान महामारी (संशोधन) विधेयक- 2020 को विधानसभा में पारित कर दिया गया है. मास्क पर कानून बनाने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है.

    इससे पहले कानून मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने विधेयक को चर्चा के लिए सदन में रखा. विधेयक पर सदन में हुई बहस का जवाब देते हुए मंत्री शांति धारीवाल ने कहा ने कोविड-19 एक ऐसा संक्रामक रोग है जो पूरे देश में तेजी से पैर पसार रहा है. कोरोना संक्रमण के प्रभावी रोकथाम के लिए राजस्थान महामारी अधिनियम-2020 लाया गया. धारीवाल ने कहा कि समूचे विश्व के स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय के अनुसार, मास्क ही इस महामारी के फैलाव को नियंत्रित कर लाखों का जीवन बचा सकता है. इसी विचार से सार्वजनिक स्थान, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, निजी परिवहन, कार्यस्थल या किसी भी सामाजिक, राजनीतिक, आम समारोह या जनजमाव में मास्क पहनना अनिवार्य किया जाना चाहिए. ऐसे स्थानों पर ऐसे व्यक्तियों के आवागमन को रोकने का प्रावधान किया गया है, जिन्होंने मास्क नहीं पहन रखा है.

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    अन्‍य विधेयक भी पारित


    इसी प्रकार सिविल प्रक्रिया संहिता (राजस्थान संशोधन) विधेयक-2020 को लेकर विधि मंत्री धारीवाल ने बताया कि सिविल प्रक्रिया संहिता-1908 (1908 का केन्द्रीय अधिनियम सं. 5) की विद्यमान धारा 60 ऐसी सम्पत्ति जो कि डिक्री के निष्पादन में कुर्क और विक्रय की जा सकेगी के लिए उपबंध करती है. इस धारा का परंतुक कतिपय विशिष्ट वस्तुओं, जिन्हें कुर्क या विक्रय नहीं किया जा सकेगा के लिए उपबंध करता है.

    किसानों के हितों और उनकी आजीविका का संरक्षण है इसमें
    राज्य के कृषकों के हितों और उनकी आजीविका का संरक्षण करने के लिए यह सुनिश्चित किया गया है कि यदि पांच एकड़ तक की कृषि भूमि को कुर्क या उसका विक्रय नहीं किया जा सकेगा. सिविल प्रक्रिया संहिता-1908 की धारा 60 को संशोधित कर सिविल प्रक्रिया संहिता (राजस्थान संशोधन) विधेयक-2020 भी ध्वनिमत से पारित किया गया. इससे पहले सदन ने विधेयक को जनमत जानने के लिए प्रचारित करने के प्रस्ताव को ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया.
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