राजस्थान: घर पर पहुंचेंगे जन्म-मृत्यु और विवाह प्रमाण पत्र, बिजनेस रजिस्टर एप से भी होंगे फायदे

राजस्थान में जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण डैशबोर्ड तथा बिजनेस रजिस्टर मोबाइल एप शरू कर दिया गया है.

राजस्थान में जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण डैशबोर्ड तथा बिजनेस रजिस्टर मोबाइल एप शरू कर दिया गया है.

मुख्य सचिव ने आर्थिक एवं संख्यिकी निदेशालय ने बताया कि डैशबोर्ड पर एक जनवरी 2014 से अब तक के सभी जन्म, मृत्यु तथा विवाह पंजीकरण का डेटा उपलब्ध है. उन्होंने बताया कि इस डेशबोर्ड के माध्यम से जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्रों की होम डिलीवरी की सुविधा आमजन को दी जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 16, 2021, 11:35 PM IST
  • Share this:
जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) में जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण डैशबोर्ड तथा बिजनेस रजिस्टर मोबाइल एप शरू कर दिया गया है. इसके आने के बाद जन्म, मृत्यु एवं विवाह प्रमाण पत्र की होम डिलीवरी शुरू हो जाएगी. आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय ने आदेश जारी कर दिए हैं. मुख्य सचिव ने आर्थिक एवं संख्यिकी निदेशालय व आयोजना विभाग द्वारा बनाए गए जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण डैशबोर्ड तथा बिजनेस रजिस्टर मोबाइल एप का भी किया शुभारम्भ किया.

मुख्य सचिव ने आर्थिक एवं संख्यिकी निदेशालय ने बताया कि डैशबोर्ड पर एक जनवरी 2014 से अब तक के सभी जन्म, मृत्यु तथा विवाह पंजीकरण का डेटा उपलब्ध है. उन्होंने बताया कि इस डेशबोर्ड के माध्यम से जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्रों की होम डिलीवरी की सुविधा आमजन को दी जाएगी. इसी प्रकार बिजनेस रजिस्टर मोबाइल एप के माध्यम से संगठित तथा असंगठित दोनों क्षेत्रों के व्यवसायों व प्रतिष्ठानों का पंजीयन किया जा सकेगा.

85 योजनाएं जन आधार पोर्टल पर एकीकृत

मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने कहा कि जन आधार सामाजिक अंकेक्षण का एक बड़ा प्लेटफार्म है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में 85 योजनाएं जन आधार पोर्टल पर एकीकृत की जा चुकी हैं. राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आमजन के लिए चलाई जा रही सभी कल्याणकारी योजनाओं को जनआधार पोर्टल पर एकीकृत किया जाए. मुख्य सचिव ने मूल निवास, जाति, जन्म, मृत्यु आदि प्रमाण-पत्र भी जन आधार कार्ड के माध्यम से उपलब्ध कराकर जन आधार कार्ड के उपयोग को बढ़ावा देने का सुझाव दिया. मुख्य सचिव ने वीसी के माध्यम से आयोजित जन आधार प्राधिकरण की द्वितीय बैठक की अध्यक्षता की. मुख्य सचिव ने राजस्थान जन आधार प्राधिकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-मित्र परियोजना में विभिन्न सेवाओं की निर्धारित दरों के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये, ताकि आमजन दरों के बारे जागरूक हो सकें.
केवल 10 रुपये जमा कराना होगा

बैठक में ई-मित्र सेवाओं के लिए ली जा रही दरों को आमजन के हित में कम करने अथवा नि:शुल्क करने का निर्णय लिया गया. बैठक में लिये निर्णयानुसार सूचना का अधिकार अधिनियम में ऑनलाइन आवेदन करने पर ई-मित्र को दिये जाने वाला शुल्क 6 रुपये को हटाकर ऑनलाइन आवेदक के लिए नि:शुल्क किया गया है. अब आवेदक को केवल 10 रुपये आवेदन शुल्क ही जमा कराना होगा. साथ ही ऑनलाइन आवेदक द्वारा विभिन्न

प्रकार की सेवाओं के लिए ऑनलाइन राशि जमा कराने पर शुल्क जो पहले 2000 रुपये तक 10 रुपये था. तत्पश्चात प्रत्येक 1000 रुपये के लिए 2 रूपये प्रति हजार वृद्धिमान शुल्क था, उसे समरूप 10 रुपये किये जाने का निर्णय किया गया. बैठक में आवेदक द्वारा अपने जन आधार कार्ड में आनलाइन संशोधन स्वयं करने की सुविधा प्रदान करने का भी निर्णय किया गया, जो अब तक ई-मित्र के माध्यम से ही कराया जा सकता था. आर्य द्वारा प्रशासन गांव के संग अभियान के दौरान जन आधार कार्ड के नामांकन कराने एवं अवितरित मुद्रित जन आधार कार्ड के वितरण कराने के निर्देश दिए गए. मुख्य सचिव ने बताया कि जन आधार कार्ड को भारत सरकार से पहचान, पता तथा संबंध प्रमाण पत्र के रूप में मान्यता दी जा चुकी है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज