• Home
  • »
  • News
  • »
  • rajasthan
  • »
  • BJP के चिंतन शिविर में न वसुंधरा राजे आईं और न दिखे शेखावत, सामने आई पार्टी की गुटबाजी

BJP के चिंतन शिविर में न वसुंधरा राजे आईं और न दिखे शेखावत, सामने आई पार्टी की गुटबाजी

दो दिवसीय चिंतन शिविर में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल नहींं हुए.

दो दिवसीय चिंतन शिविर में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल नहींं हुए.

BJP Chintan Shivir: कुंभलगढ़ में बीजेपी ने दो दिवसीय चिंतन शिविर में 2023 का रोडमैप तो तैयार किया, मगर पार्टी आंतरिक गुटबाजी से नहीं उबर पाई. इसे दूर करने के लिए राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने नेताओं को अनुशासन की घुट्टी पिलाई, लेकिन उसका असर दिग्गजों पर नहीं दिख रहा.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:

    रिपोर्ट – अलकेश सनाढ्य

    राजसमंद. मेवाड़ में भाजपा (BJP) का दो दिवसीय चिंतन शिविर खत्म हो गया. चिंतन शिविर में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने प्रदेश के सभी नेताओं को कड़े शब्दों में एक जाजम पर आने, गुटबाजी दूर रखने और अगला सीएम कैंडिडेट बीजेपी पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक में तय होने का साफ़-साफ़ संदेश दिया. लेकिन प्रदेश के तीन दिग्गज नेताओं की इस सम्मेलन मैं नहीं आना कई सवाल खड़े कर गया है. हालांकि शिविर से जुड़े भाजपा नेता यह हवाला दे रहे हैं कि नहीं आने वाले तीनों ही नेता दिल्ली में रहते हैं और लगातार राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के संपर्क में रहते हैं. ऐसे में वो पार्टी की रीति नीति से अच्छे से वाकिफ हैं.

    चिंतन शिविर में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और श्रम एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव अपने निजी कारणों का हवाला देकर सम्मेलन में शामिल नहीं हुए. वसुंधरा राजे की पुत्रवधू निहारिका इन दिनों अस्पताल में भर्ती है. ऐसे में वसुंधरा राजे ने उसके इलाज और देखभाल के कारण शिविर से दूरी बनाई. कहा गया है कि जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत अपनी मां के बीमार होने के कारण यहां नहीं पहुंचे. वहीं केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव मंत्रालय के साथ ही संगठन के कई अन्य दायित्व भी निभा रहे हैं, ऐसे में उन्होंने भी कुंभलगढ़ आने को प्राथमिकता नहीं दी.

    Explained: सचिन पायलट की राहुल गांधी से मुलाकात के बाद क्यों खुश है उनका खेमा?

    बड़ा सवाल : क्या कुछ घंटे भी नहीं दे सकते थे

    मंगलवार को चिंतन शिविर में 5 सत्र चले. बुधवार सुबह राष्ट्रीय संगठन महामंत्री कुंभलगढ़ से चले गए. यानी उन्होंने कुंभलगढ़ में 24 घंटे का समय गुजारा. अब पार्टी के हलकों में ही बड़ा सवाल यह गूंज रहा है कि राजे, शेखावत और यादव जैसे नेता क्या पार्टी के चिंतन शिविर के लिए 12 से 14 घंटे का समय भी नहीं निकाल सकते थे ?

    राजस्थान की सत्ता पाने का प्लान तैयार

    कहा गया है कि चिंतन शिविर में भाजपा ने साल-2023 में राजस्थान की सत्ता तक पहुंचने का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है. उसे अमलीजामा पहनाने के लिए रोड मैप बनाया है. साथ ही मौजूदा राज्य सरकार को घेरने के लिए आंदोलन की रणनीति को भी अंतिम रूप दे दिया है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने साफ कहा कि मंथन से निकला अमृत भाजपा के खाते में आएगा. जबकि बचा जहर कांग्रेस के खाते में जाएगा. माना जा रहा है कि इस सम्मेलन से कार्यकर्ताओं के हौंसलों को बल मिला है और अब बीजेपी सड़क के साथ ही विपक्ष में भी नए तेवर के साथ नजर आएगी.

    शिविर में ये नेता पहुंचे

    शिविर में पार्टी के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर मिश्र, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर, अशोक परनामी, अरुण चतुर्वेदी, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी, पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी, विधायक वासुदेव देवनानी, सांसद निहालचंद मेघवाल, राष्ट्रीय प्रवक्ता व सांसद राज्यवर्धन राठौड़, सांसद सुमेधानंद सरस्वती, प्रदेश महामंत्री मदन दिलावर, सांसद सीपी जोशी, पीपी चौधरी, दीया कुमारी, कनकमल कटारा, जितेंद्र गोठवाल, अलका गुर्जर सहित कई बड़े नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज