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राजस्थान: BJP नेता ने गहलोत सरकार पर साधा निशाना, निकाय चुनाव में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप

गहलोत सरकार ने बड़ा फेरबदल किया है. (फाइल फोटो)
गहलोत सरकार ने बड़ा फेरबदल किया है. (फाइल फोटो)

गुलाबचंद कटारिया ने आरोप लगाया कि राजस्थान की गहलोत सरकार ने निकाय चुनाव से पहले शहरों में वार्डो का परिसीमन इस तरह कराया कि मुस्लिम आबादी में वार्डों की संख्या बढ़ा दी और हिंदु बहुल इलाकों में वार्डों की संख्या घटा दी जिससे बीजेपी (BJP) की हार हुई.

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जयपुर. अभी तक ये आम धारणा है कि चुनाव में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण (Communal polarization) का फायदा बीजेपी को मिलता है. जब भी हिंदू -मुस्लिम मतों का बंटवारा होता है बीजेपी फायदे में रहती है और अन्य पार्टियां घाटे में. लकिन राजस्थान में बीजेपी कांग्रेस पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण से स्थानीय निकाय चुनाव में हराने का आरोप जड़ रही है. राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया ने आरोप लगाया कि राजस्थान की गहलोत सरकार (Gehlot Government) ने निकाय चुनाव से पहले शहरों में वार्डो का परिसीमन इस तरह कराया कि मुस्लिम आबादी में वार्डों की संख्या बढ़ा दी और हिंदु बहुल इलाकों में वार्डों की संख्या घटा दी जिससे बीजेपी की हार हुई.

आरोप है कि परिसीमन इस तरह किया कि 60 फीसदी से अधिक मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में वार्डों की संख्या बढ़ा दी और हिंदु बहुल इलाकों में वार्डो की संख्या घटा दी. गुलाब चंद कटारिया ने 07 नगर पालिकाओ के वार्डों के परिसीमन के आंकड़े से साबित करने की कोशिश की कि कांग्रेस ने कैसे वार्डों का पुर्नगठन न सिर्फ जाति और धर्म के आधार पर किया, मुस्लिम बहुल इलाकों में जहां 300 से 350 मतदाताओं का एक वार्ड बनाया तो हिंदु बहुल इलाकों में एक वार्ड में मतदाताओं की संख्या  1200 से 1500तक रखी गई.

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गुलाबचंद कटारिया का दावा
कटारिया ने अपने दावे के समर्थन में जयपुर की चाकसू नगर पालिका में वार्डों के परिसीमन आंकड़े पेश किए. चुनाव में इस नगर पालिका में 35 वार्ड में से बीजेपी ने 13,  कांग्रेस ने 11और निर्दलीयों 11 वार्ड में जीत दर्ज की. कटारिया का दावा है कि इस नगर पालिका में वार्डों के परिसीमन में वार्ड संख्या 05 में 300 मतदाता है, जिनमें 70 फीसदी मुस्लिम मतदाता है. वार्ड संख्या 6 में 325 मतदाता है जिनमें 80 फीसदी मुस्लिम मतदाता है. जबकि वार्ड संख्या 20 में 1200 मतदाता है औऱ सभी हिंदू मतदाता है और इसी तरह वार्ड संख्या 21 में 1557 मतदाता है सभी हिंदू मतदाता है. कटारिया कहते हैं कि गहलोत सरकार ने अघिकतर शहरों में वार्डों के परिसीमन में इसी तरह हिंदू बहुल वार्डों में मतों की संख्या बढ़ाकर वार्ड कम कर दिए. वहीं मुस्लिम बहुल इलाकों में मतों की संख्या वार्ड में घाटकर वार्ड की संख्या बढा दी, जिसका सीधा फायदा चुनाव में कांग्रेस को हुआ.



राजस्थान में कुछ ही दिन पहले हुए 50  शहरी निकायो के चुनाव में कांग्रेस ने 620, निर्दलीयों ने 595 और बीजेपी ने 548 वार्ड में जीत दर्ज की थी. बीजेपी तीसरे नंबर पर रही थी. इससे पहले जयपुर जोधपुर औऱ कोटा में छह नगर निगम के चुनाव में भी कांग्रेस ने चार निगम में जीत दर्ज की थी.  इन तीन शहरों में भी निगम की संख्या तीन से बढाकर छह कर दी जिससे वार्डों की संख्या परिसीमन में बढ़ाई गई.

बीजेपी का आरोप मुस्लिम बहुल वार्ड अधिक बढाए

राजस्थान के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि आरोप में दम नहीं पार्टी चुनाव किसी एक जाति या धर्म के वोट से नहीं जीत सकती. राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि ऐसा ध्रुवीकरण बीजेपी कांग्रेस के बीच अलग तरह की होड़ पैदा करेगा.जब बीजेपी सत्ता में आएगी तो वो भी ऐसा ही कर सकती है.
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