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Rajasthan: 'लेटर बम केस' में शामिल MLA कैलाश मेघवाल सवाल देकर विधानसभा से हो गए नदारद

कैलाश मेघवाल के गैरहाजिर रहने पर बीजेपी विधायक एक-दूसरे की तरफ देखते नजर आये.

कैलाश मेघवाल के गैरहाजिर रहने पर बीजेपी विधायक एक-दूसरे की तरफ देखते नजर आये.

BJP Letter Bomb Case: विधानसभा में बीजेपी के सामने गुरुवार को उस समय बड़ी ऊहापोह की स्थिति हो गई, जब लेटर बम में शामिल विधायक कैलाश मेघवाल प्रश्न लगा हुआ होने के बावजूद अनुपस्थित रहे. नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने जिन 5 विधायकों को बजट पर बहस के लिए चिट्ठी लिखी थी, वह भी कन्नी काट गए.

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जयपुर. प्रदेश बीजेपी में लेटर बम (BJP Letter Bomb Case) को लेकर मचे घमासान में नया मोड़ आ गया है. इस घमासान में शामिल रहे पूर्व विधानसभा स्पीकर एवं विधायक कैलाश मेघवाल (MLA Kailash Meghwal) का गुरुवार को विधानसभा में बजट सत्र के प्रश्नकाल के दौरान सवाल लगा था, लेकिन वे खुद सदन से गायब रहे. वहीं लेटर बम में शामिल तीन बीजेपी विधायकों के भी स्थगन प्रस्ताव सदन में लगे थे. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने लेटर बम में शामिल पांच वरिष्ठ विधायकों को एक दिन पहले ही पत्र लिखकर बजट बहस शुरू करने के लिए कहा था, लेकिन किसी ने भी हामी नहीं भरी.

प्रदेश बीजेपी में चल रही गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को जिन 20 विधायकों ने पत्र लिखकर कहा था कि सदन में उन्हें बोलने की अनुमति नहीं है, उनमें से सबसे वरिष्ठ विधायक कैलाश मेघवाल का गुरुवार को भीलवाड़ा से संबंधित एक सवाल लगा था. यह सवाल भीलवाड़ा जिले में वन स्टॉप शॉप योजना से जुड़ा था. लेकिन उस दौरान कैलाश मेघवाल के गैरहाजिर रहने पर बीजेपी विधायक एक-दूसरे की तरफ देखते नजर आये.

कटारिया ने एक दिन पहले पत्र भी लिखा था


जानकारी के अनुसार नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने लेटर बम में शामिल 20 विधायकों में से पांच वरिष्ठ विधायकों को एक दिन पहले पत्र भी लिखा था. इसमें उन्हें बजट की बहस शुरू करने के लिए लिखा था. इस सूची में शामिल इन पांचों विधायको में से किसी एक को पूरी तैयारी के साथ आना था. इससे पहले बुधवार को शाम 6 बजे तक बजट पर बहस की शुरुआत करने के लिए विधायकों के नाम देने की बात कही गई थी. कटारिया ने लेटर बम में शामिल 20 विधायकों में 5 वरिष्ठ विधायकों को इसलिए चुना था कि वे सदन में बजट बहस पर तैयारी करके बोल सकते हैं, लेकिन सब कन्नी काट गए.

कटारिया ने इन पांच विधायकों को लिखा था पत्र


कटारिया ने वरिष्ठ विधायक कैलाश मेघवाल, प्रताप सिंह सिंघवी, कालीचरण सराफ, नरपत सिंह राजवी और पुष्पेंद्र राणावत को यह पत्र लिखा था. लेकिन इन पांचों वरिष्ठ विधायकों में से किसी ने भी हामी नहीं भरी और अलग-अलग बहाने बनाकर बजट बहस की शुरुआत करने को लेकर कन्नी काट गये. इन्हीं 20 विधायकों में से 3 विधायकों के स्थगन प्रस्ताव गुरुवार को सदन में लगे थे. इनमें शोभा चौहान, जोगाराम कुमावत और प्रताप सिंह सिंघवी को स्थगन प्रस्ताव के जरिये बोलने की अनुमति दी गई थी.
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