बीजेपी के मंत्री गजेंद्र शेखावत ने गहलोत को याद दिलाई अतीत में कांग्रेस की कारगुजारी
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बीजेपी के मंत्री गजेंद्र शेखावत ने गहलोत को याद दिलाई अतीत में कांग्रेस की कारगुजारी
शाम 7:20 से लगातार कई ट्वीट कर मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गहलोत और कांग्रेस को निशाने पर लिया.

अपने ट्वीट में शेखावत ने लिखा, 'गहलोत जी क्या यह सच नहीं है कि उस समय बहुमत सिद्ध करने के लिए बुलाए गए विधानसभा सत्र के दौरान राज्यपाल से बदसलूकी की गई? कांग्रेसी विधायकों ने उनसे हाथापाई की? उनके हाथ से अभिभाषण की प्रति छीनकर फाड़ी गई और उनका माइक तोड़ा गया?'

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जयपुर. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) ने आज लगातार कई ट्वीट (Twit) कर राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) और कांग्रेस (Congress) पर निशाना साधा है. उन्होंने ये सारे ट्वीट शाम 7 बजकर 20 मिनट से करना शुरू किया. अपने पहले ट्वीट में ही उन्होंने लिखा, 'मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी द्वारा माननीय राज्यपाल को दी गई अपनी अनैतिक धमकी को मजबूत बनाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री स्व. श्री भैरो सिंह शेखावत जी के उस बयान का उल्लेख किया जो उन्होंने कभी दिया ही नहीं।' इस ट्वीट के ठीक एक मिनट बाद यानी 7:21 पर किए गए ट्वीट में उन्होंने साफ किया कि भैरो सिंह शेखावत (Bhairo Singh Shekhawat) को लेकर गहलोत ने क्या बयान दिया था. शेखावत ने ट्वीट किया, 'गहलोत जी कहते हैं, सन 1993 में राष्ट्रपति शासन के दौरान श्री शेखावत ने राजभवन घेराव की धमकी दी थी जबकि वास्तविकता यह है कि वे तब किसी पद पर नहीं थे और न केवल उन्होंने बल्कि भाजपा के भी किसी पदाधिकारी ने ऐसी कोई बात नहीं कही थी।'

कांग्रेस को याद दिलाया उसका अतीत

इसके बाद उन्होंने राजस्थान में जारी राजनीतिक संकट को लेकर भी कुछ ट्वीट किया है. उन्होंने कांग्रेस के द्वारा राजभवन के भीतर दिए गए धरने की आलोचना की. उन्होंने अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा, 'पहले भी राजभवन के सामने प्रदर्शन हुए किंतु यह पहली बार है जब सत्ताधारी दल ने अपने मुखिया के इशारे पर भीतर जाकर धरना दिया और नारेबाजी की। पूर्व मुख्यमंत्री श्री भैरो सिंह शेखावत जी ने कभी ऐसा कलंकित कार्य नहीं किया। वे राज्यपाल पद की गरिमा को जानते थे।' उन्होंने कांग्रेस को पर निशाना साधते हुए सीएम अशोक गहलोत से पूछा कि 1996-97 में भैरो सिंह शेखावत की सरकार के खिलाफ जो साजिश रची गई थी, उसे क्या कांग्रेस का समर्थन नहीं मिला था. इस बाबत मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ट्वीट किया, 'गहलोत जी क्या यह सच नहीं है कि सन 1996-97 में श्री भैरो सिंह शेखावत जी की सरकार के खिलाफ की जा रही साजिश कांग्रेस के समर्थन से रची गई थी।'





राज्यपाल से बदसलूकी की थी कांग्रेस के विधायकों ने

शेखावत ने गहलोत को याद दिलाया कि 1996-97 में बहुमत सिद्ध करने के लिए जो विधानसभा सत्र बुलाई गई थी तो कांग्रेस ने राज्यपाल से बदसलूकी की थी. कांग्रेसी विधायकों ने राज्यपाल से हाथापाई की थी, उनके अभिभाषण की प्रति छीनकर फाड़ दी थी और उनका माइक तोड़ दिया गया था. शाम के 7:29 बजे किए गए अपने ट्वीट में शेखावत ने लिखा, 'गहलोत जी क्या यह सच नहीं है कि उस समय बहुमत सिद्ध करने के लिए बुलाए गए विधानसभा सत्र के दौरान राज्यपाल से बदसलूकी की गई? कांग्रेसी विधायकों ने उनसे हाथापाई की? उनके हाथ से अभिभाषण की प्रति छीनकर फाड़ी गई और उनका माइक तोड़ा गया?'

विधायकों को बाड़ेबंदी से निकालें और समाज सेवा में जुटें सीएम

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने इसके बाद के अपने दो ट्वीट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर आरोप भी लगाए हैं और सलाह भी दी है. शेखावत ने गहलोत से कहा है कि उन्होंने भैरो सिंह शेखावत के विराट व्यक्तित्व का इस्तेमाल अपने झूठ को सच बनाने के लिए किया. सीएम के इस कृत्य से राज्य में शेखावत जी के लाखों प्रशंसक आहत और नाराज हैं. गजेंद्र सिंह शेखावत ने सीएम को सलाह दी है कि वे वास्तव में भैरो सिंह शेखावत के पथ पर चलना चाहते हैं तो अपने विधायकों को बाड़ेबंदी से निकालकर वे जनसेवा में जुट जाएं.
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