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Inside Story: जयपुर पहुंचे BJP अध्यक्ष नड्डा के जहन में यहां भी बंगाल बसा रहा, जानिये कैसे

बंगाल का राजस्थान के साथ रिश्ता काफी पुराना है. रियासतकाल में महाराजा मान सिंह शिला माता की मूर्ति बंगाल से ही लाए थे. (ANI File Photo)

बंगाल का राजस्थान के साथ रिश्ता काफी पुराना है. रियासतकाल में महाराजा मान सिंह शिला माता की मूर्ति बंगाल से ही लाए थे. (ANI File Photo)

BJP President JP Nadda's Bengal love: जयपुर दौरे के दौरान भी बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के जहन में पश्चिम बंगाल के चुनाव (Bengal Assembly Elections) थे. उन्होंने यहां न केवल काली माता मंदिर में दर्शन किये और बल्कि बंगाली समुदाय के लोगों से मुलाकात कर उनकी फिक्र भी की.

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जयपुर. ​बंगाल और राजस्थान (Bengal and Rajasthan) का वैसे सीधा कोई कनेक्शन नहीं है. फिर भी बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) जब जयपुर पहुंचे तो उनके जहन में पश्चिम बंगाल ही था. बंगाल के विधानसभा चुनाव (Bengal Assembly Elections) थे. नड्डा अपने जयपुर दौरे के दौरान यहां प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद मालवीय नगर स्थित कालीबाड़ी मंदिर में पहुंचे. काली माता के दर्शन किए. फिर मंदिर परिसर में ही आयोजित एक कार्यक्रम में बंगाली समुदाय से मिले. नड्डा ने प्रवासी बंगालियों से बात करते वक्त पश्चिम बंगाल चुनाव की बात नहीं की लेकिन मां काली के मंदिर में दर्शन से संदेश दिया कि बंगाली आस्था में बीजेपी की आस्था है.

मंदिर में दर्शन के बाद नड्डा ने प्रवासी बंगालियों से मिलकर ये जता दिया कि बीजेपी को बंगाल और बगालियों की परवाह है. वे चाहे वे बंगाल में हो या फिर बंगाल से बाहर. जयपुर में करीब एक लाख प्रवासी बंगाली रहते हैं. कालीबाड़ी मंदिर के पास बड़ी तादाद में बंगाली समुदाय के लोग रहते हैं. इसलिए बीजेपी ने इस मंदिर को ही बंगाली समुदाय में संदेश देने की जगह के रूप में चुना.

जयपुर में बंगाली समुदाय के तीन मंदिर हैं
जयपुर के हीरा जवाहारात के कारोबार में अधिकतर कारीगर बंगाल के ही हैं. ये प्रवासी बंगाली शहर की चारदीवारी से लेकर कई बाहरी इलाकों में रहते हैं. बीजेपी की कोशिश है कि वह मतदान से पहले प्रवासी बंगालियों के जरिये भी बंगाल के दिल तक पहुंच जाये. ताकि बंगाल में रह रहे बंगालियों को संदेश दे सके कि बीजेपी मुल्क के हर हिस्से में उनके बारे में सोचती है.
एक और वजह है बंगाल और राजस्थान के कनेक्शन की


पश्चिम बंगाल में मारवाड़ी समुदाय प्रभावशाली भी है और बड़ा वोट बैंक भी है. वे पीढ़ियों से वहां रह रहे हैं. नड्डा ने राजस्थान यात्रा से राजस्थान और बंगाल के बीच के इस धागे का इस्तेमाल की भी कोशिश की है. राजस्थान के कई नेताओं को बंगाल चुनाव में जिम्मेदारी भी दी गई है ताकि राजस्थान और बंगाल के रिश्ते का फायदा बीजेपी को चुनाव में मिल सके.

दोनों का रिश्ता काफी पुराना है
बंगाल का राजस्थान के साथ रिश्ता काफी पुराना है. रियासतकाल में महाराजा मान सिंह शिला माता की मूर्ति बंगाल से ही लाए थे. शिला माता के पुजारी भी बंगाल से लाये गये. आज भी बंगाल से आए पुजारी ही आमेर की शिलामाता की पूजा करते हैं.
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