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Analysis : बीजेपी अध्यक्ष नड्डा ने जयपुर दौरे में रिश्तों पर जमी बर्फ पिघलाई, पहली बाजी राजे के हाथ

नड्डा ने राजे की धार्मिक यात्रा पर सवाल खड़े करना तो दूर उन्होंने खुद मालवीय नगर स्थित कालीबाड़ी मंदिर में दर्शन किए.

नड्डा ने राजे की धार्मिक यात्रा पर सवाल खड़े करना तो दूर उन्होंने खुद मालवीय नगर स्थित कालीबाड़ी मंदिर में दर्शन किए.

Vasundhara Raje Vs Satish Poonia: प्रदेश बीजेपी में चल रही गुटबाजी के बीच पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने जयपुर का दौरा कर दोनों खेमों के बीच दूरियां पाटने का प्रयास किया. इसमें बाजी ज्यादा राजे के हाथ में रही है.

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(हरीश मलिक)

जयपुर. बीजेपी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगतप्रकाश नड्डा (JP Nadda) का जयपुर का एक दिवसीय तूफानी दौरा पार्टी में गुटबाजी से बिगड़ते रिश्तों पर मरहम लगा गया. तल्खी की बर्फ पिघली तो सही, लेकिन पहली बाजी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) के नाम रही. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish Poonia) राजे की जिस देवदर्शन धार्मिक यात्रा की शिकायत दिल्ली तक कर चुके थे उसके बारे में नड्डा ने खुलकर एक शब्द भी नहीं बोला. इसके विपरीत गुटबाजी करने वालों को नसीहत दे डाली कि 'एकला चलो' की नीति बीजेपी की नीति नहीं है. सभी को एकजुटता के साथ उपचुनाव में जीत के लिए कमर कसकर काम करना है.

राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे में वसुंधरा राजे को पूरा सम्मान दिए जाने से समर्थक उत्साहित हैं. नड्डा ने उन्हें कार्यक्रम में साथ रखा. खुद सतीश पूनिया ने अपने भाषण में राजे की तारीफ की और उन्हें भोजन भी परोसा. वसुंधरा की जिस धार्मिक यात्रा को लेकर पार्टी पदाधिकारियों ने बवाल मचाया था. बगैर पार्टी की इजाजत ऐसा कोई कार्यक्रम न करने की अप्रत्यक्ष ताकीद भी की थी. आलाकमान तक शिकायत भी पहुंचाई, लेकिन पार्टी की दृष्टि से नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा. नड्डा ने राजे की धार्मिक यात्रा पर सवाल खड़े करना तो दूर उन्होंने खुद मालवीय नगर स्थित कालीबाड़ी मंदिर में दर्शन किए.



एक तीर से दो शिकार
पार्टी में चर्चा है कि जयपुर में और भी प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मंदिर हैं फिर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यही मंदिर दर्शन के लिए क्यों चुना ? सूत्र बताते हैं कि बंगाल में चुनाव को देखते हुए यह रणनीति बनाई गई. यहां काफी संख्या में बंगाली समाज बंधुओं ने अपने पारंपरिक तरीके से नड्डा का स्वागत किया. नड्डा ने संदेश दिया कि पार्टी हर समाज की आस्था और भावनाओं में उनके साथ हैं. यहां काली मां के दर्शन कर वे अभिभूत हुए. उन्होंने संकेत दिए कि देवी-देवताओं के दर्शन में कुछ गलत नहीं है.

इधर गोवर्धन परिक्रमा की तैयारियां
राजे खेमा इससे उत्साहित है और वसुंधरा की धार्मिक यात्रा को सफल बनाने के लिए पूर्व मंत्री यूनुस खान ने भरतपुर में डेरा डाल दिया है. वे यात्रा की तैयारियों में लगे हैं. वहीं दूसरा खेमा इससे दूरी बनाए हुए है. सूत्रों के मुताबिक वसुधंरा सात मार्च को धार्मिक यात्रा के तहत गोवर्धन पहुंचेंगी. यहां से वे सीधे गिरिराजधाम जाएंगी. वे इलेक्ट्रिक गाड़ी से गोवर्धन परिक्रमा कर सकती हैं. इस दौरान ने पूंछरी, दानघाटी, श्रीनाथजी, डीग और कामां के मंदिरों में भी दर्शन करेंगी. गौरतलब है कि वसुंधरा के कार्यकाल में बृज चौरासी कोस में करीब दो सौ करोड़ के विकास कार्य कराए गए थे.

(डिस्क्लेमर : ये लेखक के निजी विचार हैं)
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