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Rajasthan News: लेटर बम पर BJP में थम नहीं रहा घमासान, गुलाबचंद कटारिया और कैलाश मेघवाल में तीखी तकरार

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि वे प्रतिदिन 10 से 11 घंटे काम करते हैं. उन्हें इस पद से ज्यादा मोह नहीं है. वे इसे कल ही छोड़ने को तैयार हैं.

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि वे प्रतिदिन 10 से 11 घंटे काम करते हैं. उन्हें इस पद से ज्यादा मोह नहीं है. वे इसे कल ही छोड़ने को तैयार हैं.

Gulabchand Kataria Vs Kailash Meghwal: बीजेपी में पिछले दिनों फूटे लेटर बम का मामला अभी शांत नहीं हो पाया है. इस पर हुई बैठक में बीजेपी के दो वरिष्ठ नेता आमने-सामने हो गये.

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जयपुर. बीजेपी में फूटे लेटर बम (BJP's letter bomb) की सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है. दो दिन पहले बीजेपी मुख्यालय में हुई कोर कमेटी की बैठक के बाद बुधवार को विधानसभा में हुई पार्टी विधायक दल की बैठक में भी इस पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और पूर्व विधानसभा स्पीकर कैलाश मेघवाल (Gulabchand Kataria and Kailash Meghwal) में जमकर घमासान हुआ. इस दौरान कटारिया ने यहां तक दिया कि उन्हें पद का मोह नहीं है.

विधानसभा में बुधवार को बजट पेश होने से पहले सुबह 10 बजे बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई. इस बैठक में वसुंधरा खेमे की ओर से पत्र लिखने वाले 20 विधायकों के मसले को लेकर भी चर्चा हुई. इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी विधायक दल की बैठक में मौजूद थीं. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि जिन विधायकों ने यह पत्र लिखा है उनमें से 13 विधायकों ने तो स्थगन प्रस्ताव लगाया ही नहीं था. शेष रहे 7 विधायकों ने स्थगन प्रस्‍ताव लगाया था. उनमें से 4 को बोलने का पूरा मौका दिया गया. कटारिया ने कहा कि 3 विधायकों के मुद्दे तो ऐसे थे ही नहीं जिन पर उनको सदन में बोलने का मौका दिया जा सके. कटारिया ने कहा कि वे प्रतिदिन 10 से 11 घंटे काम करते हैं. उन्हें इस पद से ज्यादा मोह नहीं है. वे इसे छोड़ने को तैयार हैं.

कटारिया और कैलाश मेघवाल उलझे
इस दौरान 'एक व्यक्ति एक पद' सिद्धांत का मुद्दा भी उठा. इसमें कहा गया कि नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया लोक लेखा समिति के सभापति भी हैं. एक व्यक्ति के पास 2 पद कैसे हो सकते हैं? इस पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल से उनकी तीखी तकरार हो गई. गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ही लोक लेखा समिति के अध्यक्ष होते हैं, लेकिन अगर वह लोक लेखा समिति के काम करने में असमर्थ हों तो इस स्थिति में दूसरे को सभापति बनाया जाता है. कटारिया ने कहा कि अब बजट पर बहस शुरू होने वाली है. उन तमाम 20 विधायकों से कहा गया है कि वे बजट पर तैयारी करके आयें. बजट पर सबसे पहले ओपनिंग कौन करेगा यह सवाल भी विधायक दल की बैठक में उठा.
विपक्ष के सचेतक के नाम की घोषणा भी अटकी


विधायक दल की बैठक में जोगेश्वर गर्ग को सहमति के आधार पर सचेतक बनाए जाने का मसला भी अटक गया है. जबकि जोगेश्वर गर्ग बुधवार को पूरी तरह से तैयार होकर आये थे. लेकिन दो बड़े नेताओं की तीखी नोकझोंक में जोगेश्वर गर्ग को सचेतक बनाए जाने की घोषणा अटक गई. इस पद की घोषणा नेता प्रतिपक्ष के दायरे में आती है. अब माना जा रहा है कि कुछ दिन बाद जोगेश्वर गर्ग को सचेतक बनाए जाने की घोषणा होगी.
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