छात्रसंघ चुनाव: देख नहीं सकता लेकिन मुद्दों के दम पर राजस्थान कॉलेज में चुनाव लड़ रहा दिव्यांग खेमराज

News18 Rajasthan
Updated: August 26, 2019, 3:56 PM IST
छात्रसंघ चुनाव: देख नहीं सकता लेकिन मुद्दों के दम पर राजस्थान कॉलेज में चुनाव लड़ रहा दिव्यांग खेमराज
राजस्थान कॉलेज में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार खेमराज (बाएं).

राजस्थान यूनिवर्सिटी (Rajasthan University) छात्रसंघ चुनाव में प्रत्याशियों की भीड़ के बीच एक दृष्टिबाधित प्रत्याशी (Blind Candidate) भी अपनी किस्मत आजमा रहा है. राजस्थान कॉलेज (Rajasthan College) में अध्यक्ष पद के लिए दृष्टिबाधित खेमराज अपने दोस्तों की मदद से हर एक मतदाता तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है.

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छात्रसंघ चुनाव के दौरान कैम्पस में कई दिलचस्प कहानियां भी देखने को मिल रही हैं. प्रत्याशियों की भीड़ के बीच एक दृष्टिबाधित प्रत्याशी (Blind Candidate) भी इस चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहा है. राजस्थान कॉलेज (Rajasthan College) में अध्यक्ष पद के लिए भाग्य आजमा रहे खेमराज अपने दोस्तों की मदद से हर एक मतदाता तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है. बता दें कि प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव (Students Union Elections) का मजमा सजा है. कैम्पस में प्रत्याशी अपने-अपने समर्थकों के साथ वोट मांगने के लिए ढिंढोरा पीट रहे हैं. गाड़ी-घोड़ों और प्रचार सामग्री का जमकर इस्तेमाल हो रहा है. लेकिन इस शोर-शराबे और चकाचौंध के बीच खेमराज बेहद सादगी के साथ मतदाताओं से वोट की अपील करते नजर आ रहा है.

राजस्थान कॉलेज में अध्यक्ष पद के लिए ऐसे वोट मांग रहा दृष्टिबाधित

खेमराज मीणा नाम का ये प्रत्याशी जयपुर के राजस्थान कॉलेज में अध्यक्ष पद के लिए अपनी किस्मत आजमा रहा हैं. खास बात ये है कि खेमराज दृष्टिबाधित है और उन्हें जन्म से ही दिखाई नहीं देता है. लेकिन अपनी इस शारीरिक अक्षमता को उन्होंने हौसलों पर हावी नहीं होने दिया है और अब वो कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष बनकर छात्रों की समस्याओं का समाधान करना चाहते हैं. अपने दोस्तों की मदद से छात्र मतदाताओं तक पहुंचकर खेमराज उनसे वोट की अपील कर रहे हैं.

मैं आंखों से नहीं देख सकता हूं लेकिन दिमाग से देख सकता हूं. दिखता तो मेरे विरोधियों को नहीं है. उनको कॉलेज की समस्याएं दिखती नहीं है. 
खेमराज मीणा, अध्यक्ष पद प्रत्याशी, राजस्थान कॉलेज


खेमराज का मुद्दा- छात्रों से जुड़ी समस्या

एक ओर जहां दूसरे प्रत्याशी जीत के लिए मतदाताओं की चापलूसी और लोक लुभावने वादे कर रहे हैं वहीं खेमराज जीतने पर केवल समस्या समाधान के आश्वासन दे रहा है. खेमराज का कहना है कि भले ही उसे आंखों से दिखाई नहीं देता हो लेकिन छात्रों से जुड़ी समस्याएं बखूबी नजर आती हैं और इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए छात्रसंघ चुनाव लड़ने का फैंसला किया है. खेमराज के मुताबिक उसे दृष्टिबाधित होने के चलते सामान्य कॉलेज में प्रवेश लेने में ही कई सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा लेकिन इन सब चुनौतियों का उन्होंने डटकर मुकाबला किया और हार नहीं मानी.

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12वीं कक्षा में 78 फीसदी से ज्यादा अंक

खेमराज पढ़ने में बचपन से ही होशियार रहा है और 12वीं कक्षा में 78 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल करने के बाद उन्हें राजस्थान कॉलेज में प्रवेश मिला था. खेमराज का कहना है कि कॉलेज और युनिवर्सिटी के रेटिंग में पिछड़ने से उसे पीड़ा होती है और वो चाहते हैं कि कैम्पस के माहौल में बदलाव आए. बहरहाल खेमराज अपने इरादों के बल पर चुनाव मैदान में तो हैं लेकिन जीत का उजाला उन्हें कितना नसीब होता है यह देखने वाली बात होगी.

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(रिपोर्ट- दिनेश शर्मा, महेश दाधीच)

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First published: August 26, 2019, 3:41 PM IST
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