Rajasthan: रिश्वत केस में पकड़े गये बारां के तत्कालीन कलक्टर IAS इंद्र सिंह राव की जमानत याचिका खारिज

आईएएस इन्द्र सिंह राव की निलंबन अवधि को राज्य सरकार ने पिछले दिनों ही 120 दिन के लिये और बढ़ा दिया था.

आईएएस इन्द्र सिंह राव की निलंबन अवधि को राज्य सरकार ने पिछले दिनों ही 120 दिन के लिये और बढ़ा दिया था.

रिश्वत के मामले (Bribery case) में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से गिरफ्तार किये गये बारां के पूर्व कलक्टर आईएएस इन्द्र सिंह राव (IAS Inder Singh Rao) को जमानत नहीं मिल पाई है. आज हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज (Dismissed) कर दी.

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जयपुर. रिश्वत केस (Bribery case) में पकड़े गये बारां के तत्कालीन कलक्टर IAS इन्द्र सिंह राव (IAS Inder Singh Rao) की हाई कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी है. जस्टिस पंकज भंडारी की अदालत ने आज राव की जमानत याचिका खारिज की है. कोर्ट ने फरवरी में सुनवाई के बाद याचिका को लेकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. राव को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) ने गत वर्ष 23 दिसंबर में गिरफ्तार किया था.

राव जब बारां कलक्टर थे उस समय उनके पीए ने उनके नाम से 1.40 लाख रुपये की रिश्वत ली थी. रिश्वत की यह राशि एक पेट्रोल पंप को एनओसी देने के नाम पर ली गई थी. इस मामले में राव की भूमिका संदिग्ध होने पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने उनको गिरफ्तार किया था. सुनवाई के दौरान राजकीय अधिवक्ता शेर सिंह महला ने राव को जमानत दिये जाने का विरोध किया.

पिछले दिनों ही बढ़ाई गई थी राव की निलंबन अवधि

रिश्वत लेने के मामले में एसीबी की हत्थे चढ़े आईएएस इन्द्र सिंह राव की निलंबन अवधि को राज्य सरकार ने पिछले दिनों ही 120 दिन के लिये और बढ़ा दिया था. राव को पहले राज्य सरकार ने 4 जनवरी को निलंबित किया था. लेकिन बाद में जब उनके निलंबन के आदेश जारी किये गये तो उन्हें 23 दिसंबर से निलंबित माना गया था. उसके बाद फरवरी के मध्य में मुख्य सचिव निरंजन आर्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में उनकी निलंबन अवधि को 120 दिन के लिये और बढ़ा दिया गया था.
निलंबन को लेकर यह है नियम

अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन एवं अपील) संशोधन नियम-2015 के अनुसार निलंबन को लगातार एक हफ्ते तक जारी रखने के लिए राज्य सरकार को सिविल सर्विसेज बोर्ड या केन्द्रीय समीक्षा समिति की सहमति लेनी पड़ती है. इस समिति को संबंधित मंत्रालय (आईएएस के लिए कार्मिक, आईपीएस के लिए गृह और आईएफएस के लिए वन) के सचिव लीड करते हैं. राज्य में इसकी कमान मुख्य सचिव के पास होती है.
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