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Rajasthan Budget 2021-22: गहलोत के बजट के सियासी मायने, BJP ने बताया मध्यावधि चुनाव की आहट ?

गहलोत का कहना है कि मध्यावधि चुनाव के सपने देख रहे विपक्ष को समझ लेना चाहिए कि सरकार ना सिर्फ पूरे पांच साल चलेगी बल्कि अगली बार भी सरकार कांग्रेस की ही बनेगी.

गहलोत का कहना है कि मध्यावधि चुनाव के सपने देख रहे विपक्ष को समझ लेना चाहिए कि सरकार ना सिर्फ पूरे पांच साल चलेगी बल्कि अगली बार भी सरकार कांग्रेस की ही बनेगी.

सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने अपने बजट में घोषणाओं (Budget announcements) की बरसात कर सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है. गहलोत की घोषणा करने में दिखाई गई दरियादिली को बीजेपी (BJP) ने मध्यावधि चुनाव की आहट बताया है.

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जयपुर. राजनीति के जादूगर माने जाने वाले सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की ओर से कल बजट में घोषणाओं की जबर्दस्त बारिश की गई. विपरीत आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद आये लोक लुभावन बजट (Popular budget) ने हर किसी को हैरान कर दिया. उपचुनाव से पहले आये इस बजट के कई सियासी मायने निकाले जाने लगे हैं. विपक्ष ने तो इसे मध्यावधि चुनाव की तैयारी (Preparations of mid-term elections ) तक बता दिया है.

दरअसल कोरोना काल से उत्पन्न हुए विपरीत आर्थिक हालात में किसी को अंदाजा नहीं था कि बजट में इतना सब कुछ शामिल हो सकता है. लेकिन गहलोत के पिटारे से घोषणाओं की जो बारिश हुई उससे हर कोई हैरान है. पहले इसे उपचुनाव की तैयारी का बजट बताया जा रहा था. लेकिन बात अब इससे आगे बढ़ते हुए मध्यावधि चुनाव तक जा पहुंची है. विपक्ष का कहना है कि सरकार को किसी अनिष्ट का अंदेशा नजर आ रहा है. यही वजह है कि घोषणाओं का पिटारा खोल दिया गया है ताकि आफत टूट पड़े तो सरकार के पास गिनाने को कुछ हो.

इन घोषणाओं को देखा जा रहा है उपचुनाव से जोड़कर
घोषणाओं से हैरान विपक्ष सवाल उठा रहा है कि आखिर बिना बजट प्रावधान के ये घोषणाएं पूरी कैसे होंगी ? उधर चार सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव से भी बजट को जोड़कर देखा जा रहा है. खास तौर से दिवंगत विधायकों के नाम पर कन्या विद्यालयों की घोषणा को इस लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
बीजेपी-कांग्रेस में जारी है आरोप-प्रत्यारोप का दौर


राजस्थान में पिछले साल बड़ा सियासी संकट खड़ा हुआ था और सरकार संकट में आ गई थी. तब जैसे-तैसे गहलोत ने अपनी कुर्सी बचा ली थी. लेकिन गहलोत लगातार ये आरोप लगाते रहे हैं कि बीजेपी अपने षड़यंत्र से बाज नहीं आ रही है. लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को बार-बार गिराने के कुप्रयास किए जा रहे हैं. उधर विपक्ष भी बार-बार ये बात कह रहा है कि राजस्थान में सरकार ज्यादा दिनों की नहीं है. जिस दिन मंत्रिमंडल में फेरबदल हुआ उसी दिन सरकार फिर संकट में आ जाएगी.

गहलोत बोले सरकार पूरे पांच साल चलेगी
उधर गहलोत अपनी सरकार के पूरे पांच साल चलने को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं. गहलोत का कहना है कि मध्यावधि चुनाव के सपने देख रहे विपक्ष को समझ लेना चाहिए कि सरकार ना सिर्फ पूरे पांच साल चलेगी बल्कि अगली बार भी सरकार कांग्रेस की ही बनेगी.

आम आदमी भी सोचने पर हुआ मजबूर
जैसा बजट कल मुख्यमंत्री ने पेश किया आम तौर पर सरकार के तीसरे साल में वैसा बजट देखने को नहीं मिलता है. इसके साथ ही विपरीत आर्थिक हालात में आये ऐसे लोकलुभावन बजट ने विपक्ष के साथ ही आम लोगों को भी कयास लगाने को मजबूर कर दिया है कि कहीं ये वास्तव में प्रदेश में मध्यावधि चुनाव की आहट तो नहीं है.
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