Rajasthan Budget 2021: बजट में महिलाओं पर खास फोकस, ये खास App लांच करने की तैयारी में गहलोत सरकार

बजट में गहलोत सरकार ने महिलाओं पर खास फोकस किया है.

बजट में गहलोत सरकार ने महिलाओं पर खास फोकस किया है.

Jaipur News: राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) ने बजट (Budget) में महिलाओं पर खास ध्यान दिया है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एएनएम के बीच समन्वय के लिए A-3 एप लॉन्च किया जाएगा. 

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जयपुर. कोरोना काल (COVID-19) के बीच राजस्थान के लिए एक समग्र बजट पेश करने की कोशिश की गई है. राजस्थान में इस बार महिला और बाल विकास विभाग के लिए बजट (Rajasthan Budget) अहम बिंदुओं पर ही सिमटा रहा हो, लेकिन प्रदेश में महिला बाल विकास पर खास ध्यान दिया गया है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी तथा एएनएम के मध्य बेहतर समन्वय के लिए 'A-3 एप लॉन्च किया जाएगा. इससे प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बेहतर काम करने की कोशिश की जाएगी और टेक्नोलॉजी की मदद से हर मामले में रियल टाइम अपडेट मिलेगा. प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने एक ओर संस्थान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को समर्पित किया है. एचसीएम रीपा, जयपुर में 'इन्दिरा गांधी महिला शोध संस्थान स्थापित किया जाएगा.

प्रदेश में आंगनबाड़ी पोषाहार की गुणवत्ता बढ़ाने तथा विविधता लाने की कार्रवाई की जाएगी. स्थानीय विद्यालयों की देखरेख में संचालित 37 हजार 400 आंगनबाड़ी केन्द्रों और  English Medium के 134 स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल विद्यालयों में Pre-Primary के बच्चों के लिए 225 करोड़ रुपये की लागत से Child Friendly Furniture उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित किया गया है. बच्चों में नशे की आदत रोकने और उन्हें इन हालात से बाहर निकालने के लिए नेहरू बाल संरक्षण कोष के तहत जयपुर, जोधपुर,कोटा, बीकानेर, भरतपुर, अजमेर एवं उदयपुर संभाग मुख्यालय पर समेकित बाल पुनर्वास केन्द्रों की स्थापना, स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से चरणबद्ध रूप से किया जाना प्रस्तावित है.

बजट में इन बिन्दुओं पर दिया गया ध्यान

राज्य सरकार अनाथ एवं उपेक्षित बच्चों की देखरेख, संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है. ऐसे बच्चों के पुनर्वास के लिए अभिनव पहल करते हुए NGOs a civil society से समन्वय कर. सभी जिला मुख्यालयों पर गोरा धाय ग्रुप फोस्टर केयर का संचालन प्रस्तावित किया गया है. आंगनबाड़ियों की दशा सुधारने और प्री-स्कूल गतिविधियों की समुचित व्यवस्था करने के लिए  25 हजार आंगनबाड़ियों को चरणबद्ध रूप से नन्द घर योजना में सम्मिलित करना प्रस्तावित किया गया है. हेल्थ और हाईजीन  को ध्यान में रखते हुए छात्राओं एवं किशोरियों को सेनेटरी नेपकिन उपलब्ध कराये जा रहे है.
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अब इसका दायरा बढ़ाते हुए सभी महिलाओं को, आवश्यकतानुसार यह सुविधा 'मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना' के माध्यम से उपलब्ध करवायी जाएगी विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां घूंघट प्रथा भी है तथा महिलाए अपनी ऐसी समस्याएं किसी से संकोचवश कह नहीं पाती हैं. इस कारण अनेक रोगों से ग्रसित हो जाती हैं तथा उन्हें समय पर इलाज भी नसीब नहीं होता. इसलिए महिला SHG, सामाजिक संस्थाओं एवं NGOs के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाकर सेनेटरी नेपकिन का वितरण करवाया जाएगा. इस लिए इन संगठनों को उत्कृष्ट कार्य करने पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. इस योजना में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है. बजट में महिलाओं की समस्याओं का समाधान करने एवं काउंसलिंग के लिए जयपुर समेत सभी जिला मुख्यालयों पर इंदिरा महिला शक्ति केन्द्रों की स्थापना प्रस्तावित किया है. इन पर 15 करोड़ रुपये का व्यय होगा. महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाये जाने के लिए, राजीविका के ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित सामग्री की एक लाख रुपये तक की सीधी सरकारी खरीद का प्रावधान, अमृता सोसायटी की तर्ज पर किया जाएगा. जनजाति क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 250 मां-बाड़ी केन्द्र स्थापित किए जाने बजट में प्रस्तावित हैं.
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