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भारतीय मानक ब्यूरो ने बीसलपुर बांध के पानी की शुद्धता पर उठाए सवाल, PHED ने सिरे से नकारे

भारतीय मानक ब्यूरो ने बीसलपुर बांध के पानी की शुद्धता पर उठाए सवाल, PHED ने सिरे से नकारे

.फिल्म की कहानी टिकी है पांच तत्वों पर जो जंगल की फलने फूलने की वजह है, हवा, पानी, आग और धरती.

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भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards ) द्वारा जारी की गई जयपुर (Jaipur) की पेयजल की गुणवत्ता (Quality of drinking water) पर विवाद शुरू हो गया है. जलदाय विभाग (Water supply department) ने भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा जारी की गई पानी की गुणवत्ता की रिपोर्ट (Quality report) पर सवालिया निशान (Question mark) लगाया है.

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जयपुर. भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards ) द्वारा जारी की गई जयपुर (Jaipur) की पेयजल की गुणवत्ता (Quality of drinking water) पर विवाद शुरू हो गया है. जलदाय विभाग (Water supply department) ने भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा जारी की गई पानी की गुणवत्ता की रिपोर्ट (Quality report) पर सवालिया निशान (Question mark) लगाया है. जलदाय विभाग का दावा है कि बीसलपुर बांध (Bisalpur Dam) से जयपुर शहर में विश्वस्तरीय गुणवत्ता (World class quality) वाला पेयजल सप्लाई किया जा रहा है. विभाग ने पेयजल पर भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा लिए गए सेम्पल और पेश की गई रिपोर्ट को भी नियम विरुद्ध (Against the rules) बताया है.

बीआईएस की रिपोर्ट को सिरे से नकारा
राजस्थान में आम आदमी को स्वच्छ पानी पिलाने का दावा करने वाले जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने बीआईएस की रिपोर्ट को सिरे से नकारा है. जलदाय विभाग का कहना है कि जयपुर में बीसलपुर बांध से सप्लाई होने वाला पानी पूरी तरह से शुद्ध है. पानी में बीआईएस मानकों के अनुसार ही टीडीएस, क्षारीयता, कलर, गंदगी, टोटल हार्डनैस, कैल्शियम हार्डनैस, मैन्गेशियम हार्डनैस, क्लोराईड, फ्लोराइड और नाइट्रेट की मात्रा है. पानी शुद्धता के लिए जलदाय विभाग ने पेयजल संबंधी आंकड़े पेश किए हैं.

विभाग का दावा बीआईएस सेम्पल लेने के लिए अधिकृत ही नहीं है
जलदाय विभाग ने बीआईएस की रिपोर्ट पर ही सवालिया निशान लगाया है. जलदाय विभाग का कहना है कि बीआईएस ने अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है ना ही किसी सरकारी एजेंसी को दी है. विभाग का आरोप है की बीआईएस कानूनी तौर पर पेयजल सेम्पल लेने के लिए अधिकृत ही नहीं है. यदि पेयजल रिपोर्ट बीआईएस ने पेश की है तो उसमें पेयजल के बिंदुओं में कहीं भी शुद्धता और अशुद्धता का पैमाना नहीं दर्शाया है.

जलदाय विभाग के दावे का यह है आधार
जलदाय विभाग का दावा है की जयपुर में बीसलपुर बांध से पानी की सप्लाई की गुणवत्ता की जांच कई स्तरों पर की जाती है. सबसे पहले बीसलपुर के रॉ वाटर को सूरजपुरा फिल्टर प्लांट पर शुद्ध किया जाता है. उसके बाद बालावाला प्लांट पर पानी की जांच कर नए सिरे से शुद्धता के सभी पैमानों पर जांच की जाती है. बालावाला पंप हाऊस से सप्लाई किए गए पानी की शुद्धता जलदाय विभाग के सभी कार्यालयों के स्टोरेज टैंकों पर पानी की शुद्धता की जांच की जाती है. ऐसे में जलदाय विभाग ने बीआईएस और उसकी गुणवत्ता रिपोर्ट में पानी की अशुद्धता के मामले को खुली चुनौती पेश की है.

बीआईएस ने 70 फीसदी सेम्पल फेल बताए गए हैं
बहरहाल बीआईएस द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में जयपुर में पानी के 70 फीसदी सेम्पल फेल बताए गए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बीआईएस ने जयपुर में सप्लाई पेयजल के 78 मानकों में जांच की है. इसमें से अधिकांश मानकों पर पेयजल के सेम्पलों को फेल बताया गया है. हालांकि जलदाय विभाग बीसलपुर बांध से विश्वस्तरीय पेयजल सप्लाई का दावा कर रहा है, लेकिन विभाग के पास संसाधन सीमित होने के कारण 10 से ज्यादा मानकों की जांच नहीं हो पा रही है. ऐसे में पानी की शुद्धता पर बीआईएस और जलदाय विभाग अपने अपने आंकड़े और रिपोर्ट पेश कर रहे हैं. उल्लेखनीय है कि बीसलपुर बांध से जयपुर समेत अजमेर, टोंक और दौसा में भी पानी सप्लाई किया जाता है.

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Tags: Jaipur news, Rajasthan news, Rajasthan water supply Department, Water Crisis

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