जिस हेलीकॉप्‍टर से यात्रा करते थे अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे, नहीं मिल रहा उसका कोई खरीदार

वर्ष 2005 में राजस्थान की वसुंधरा सरकार ने इसे 30 करोड़ रुपए में खरीदा था.

वर्ष 2005 में राजस्थान की वसुंधरा सरकार ने इसे 30 करोड़ रुपए में खरीदा था.

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) पुराने अगस्ता हेलीकॉप्टर (Agusta Helicopter) को बेचने का प्रयास कर रही है, लेकिन उसका कोई खरीदार नहीं मिल पा रहा है.

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जयपुर. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Vasundhara Raje and Ashok Gehlot) जिस हेलीकॉप्‍टर से देश के विभिन्न भागों की यात्रा करते थे, उस अगस्ता हेलीकॉप्टर (Agusta Helicopter) का कोई खरीदार नहीं मिल रहा है. राजधानी जयपुर में सांगानेर एयरपोर्ट पर वीआईपी स्टेट हैंगर में खड़े इस हेलीकॉप्टर की गत दिनों 3 मार्च को एसेसरीज के साथ मौके पर ही नीलामी आयोजित हुई, लेकिन किसी ने इंटरेस्ट नहीं दिखाया.

इससे पहले 2 फरवरी को इसकी नीलामी आमंत्रित की गई थी. राज्य सरकार अब नीलामी की शर्तों में संशोधन कर एक बार फिर बिकवाली निकालेगी. सरकार ने हेलीकॉप्टर को 30 करोड़ रुपये में खरीदा था. अब सरकार इसे साढ़े 4 करोड़ में बेचने को तैयार है. 7 वर्ष पहले इसके 18 करोड़ रुपये मिल रहे थे, लेकिन तब नहीं बेचा गया. मुख्यमंत्री की उड़ान समय पंखे की ब्लेड टूटने के बाद 7 साल से यह हेलीकॉप्टर ग्राउंड पर खड़ा है. सरकार ने साल 2005 में अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से 30 करोड़ रुपए से अधिक में यह पावर हेलीकॉप्टर ए-109 ई खरीदा था.

11 बार बेचने का प्रयास

पिछले 7 वर्षों में इस हेलीकॉप्टर को 11 बार बेचने का प्रयास किया गया, लेकिन यह नहीं बिक पाया. अब देखना यह है कि इस बार भी कोई खरीदार आता है या यह पड़ा-पड़ा कबाड़ हो जाएगा. सरकार ने अगस्ता हेलीकॉप्टर-2005 में खरीदा था. तब से अब तक यह लगातार विवादों में रहा है. कभी सीएम को यात्रा कराने के दौरान पंखे की ब्लेड उखड़ने को लेकर तो कभी इसकी खरीद और मेंटेनेंस में घोटाले को लेकर आरोप लगते रहे हैं. विवादों के इस हेलीकॉप्टर को सरकार बेचने का प्रयास कर रही है. इसकी रिजर्व प्राइस मात्र साढ़े 4 करोड़ रुपए रखी गई है.
अब तक 1521 घंटे उड़ चुका है हेलीकॉप्टर

अगस्ता ए-109 ई पावर हेलीकॉप्टर अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी (अब लियोनार्दो) का बनाया हुआ है. वर्ष 2005 में राजस्थान की वसुंधरा सरकार ने इसे 30 करोड़ रुपए में खरीदा था. इसका रजिस्ट्रेशन नंबर वीटी- राज (VT-RAJ) और सीरियल नंबर 11635 है. अब तक 1521 घंटे उड़ा है. डबल इंजन के इस हेलीकॉप्टर में 2 क्रू मेंबर और 5 पैसेंजर बैठ सकते हैं. इस वीआईपी हेलीकॉप्टर में पैसेंजर एरिया को साउंडप्रूफ भी किया जा सकता है. पीछे वाली वीआईपी सीटें बहुत ही आरामदायक सोफे जैसी हैं.
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