अपना शहर चुनें

States

Bye-Bye 2020: ब्यूरोक्रेसी का बेहद चर्चित विवाद, जानिये क्यों ठनी थी एक IAS को लेकर गहलोत और पायलट में ?

1989 बैच के आईएएस अधिकारी राजेश्वर सिंह पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के पसंदीदा अफसर माने जाते हैं.
1989 बैच के आईएएस अधिकारी राजेश्वर सिंह पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के पसंदीदा अफसर माने जाते हैं.

Bureaucracy's most famous controversy: इस वर्ष में ब्यूरोक्रेसी से जुड़े कई विवाद सामने आये हैं. लेकिन इनमें सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट (Ashok Gehlot Vs Sachin Pilot) के बीच भी एक आईएएस अधिकारी को लेकर विवाद खासा चर्चा में रहा था.

  • Share this:
जयपुर. राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी (Bureaucracy) में इस वर्ष में कई विवाद सामने आये हैं. कभी पद को लेकर तो कभी सचिवालय में कमरे को लेकर. कभी बंगले को लेकर तो कभी एक-दूसरे के आदेश मानने को लेकर. लेकिन इस बीच एक विवाद ऐसा भी रहा है जिसमें सीएम अशोक गहलोत और तत्कालीन डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Ashok Gehlot Vs Sachin Pilot) में भी एक वरिष्ठ ब्यूरोक्रेट्स को लेकर मतभेद की खबरें खासा चर्चा में रही. ये अधिकारी हैं वरिष्ठ आईएएस राजेश्वर सिंह (IAS Rajeshwar Singh). पायलट की खास पसंद रहे सिंह उनके मंत्रित्व काल में पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव थे. लेकिन कुछ माह पहले हुये सियासी घमासान के बाद पायलट को डिप्टी सीएम पद से हटाते ही सिंह की भी पंचायती राज विभाग से रवानगी कर दी गई. ब्यूरोक्रेसी में यह काफी चर्चा का विषय रहा था.

मंत्री पद से विदाई के एक महीने बाद ही हुआ तबादला
1989 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजेश्वर सिंह पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के पसंदीदा अफसर माने जाते हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच राजेश्वर सिंह को लेकर तनातनी रही है. ग्रामीण एवं पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश्वर सिंह को सचिन पायलट की उप मुख्यमंत्री मंत्री पद से 14 जुलाई 2020 को हुई विदाई के एक महीने बाद ही उन्हें भी उनके पद से हटा दिया गया था. राजेश्वर सिंह का तबादला TAD ACS की ठंडी पोस्ट कर दिया गया था. फिलहाल राजेश्वर सिंह राज्य पथ परिवहन निगम के सीएमडी है. राजेश्वर सिंह 4 दिसंबर 2019 से 20 अगस्त 2020 तक एसीएस ग्रामीण पंचायती राज विभाग के पद पर रहे.

Bye-Bye 2020: ऊहापोह में रही राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी, डीबी गुप्ता को हटाने के फैसले ने सभी को चौंकाया



टकराव की यह रही थी वजह
दरअसल ग्राम पंचायत एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन के प्रारूप की अहम जिम्मेदारी राजेश्वर सिंह ने संभाली थी. नई ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों के पुनर्गठन को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच मतभेद की खबरें छन छन कर आती रही. नई ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों के लिए पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया गया था. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थकों का कहना था कि पायलट अपने समर्थको के जिलों में नई ग्राम पंचायत और पंचायत समितियों को मंजूरी दे रहे हैं. जुलाई में हुये सियासी विवाद के बाद सिंह पर गहलोत और पायलट के बीच चल रही तनातनी की गाज गिर गई.

सिंह और आरुषि अजय मलिक के बीच भी टकराव हुआ था टकराव
ग्रामीण एवं पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश्वर सिंह और विभाग की विशिष्ट शासन सचिव आरुषि अजय मलिक के बीच भी टकराव की खबरें सचिवालय से बाहर तैरती रही हैं. राजेश्वर सिंह ने आरुषि अजय मलिक की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए उनके पावर सीज कर दिए थे. बाद में आरुषि अजय मलिक का तबादला कर दिया गया था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज