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Bye-Bye 2020: कोरोना काल में राजस्थान में सालभर बहती रही चुनावी बयार, चलता रहा राजनीतिक घमासान

अभी भी चुनाव का यह सिलसिला थमा नहीं है. अगले साल की शुरुआत में भी शेष बच रहे पंचायती राज और निकायों के चुनाव होने हैं. (सांकेतिक तस्वीर)
अभी भी चुनाव का यह सिलसिला थमा नहीं है. अगले साल की शुरुआत में भी शेष बच रहे पंचायती राज और निकायों के चुनाव होने हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

Bye-Bye 2020: कोरोना महामारी के बीच बीता यह वर्ष राजस्थान के लिए चुनावी साल (Election year) रहा है. इस वर्ष राजस्थान (Rajasthan) में कुछ माह को छोड़कर शेष महीनों में चुनावी मौसम चलता रहा.

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जयपुर. राजस्थान में वर्ष- 2020 चुनावों के लिहाज से अनूठा (Unique) रहा है. प्रदेश में जनवरी से दिसंबर तक चुनावी बयार बहती रही. राज्य निर्वाचन आयोग (State election commission) ने कोरोना महामारी के बीच प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव (Election) संपन्न करवा कर एक मिसाल कायम की है. कोरोना महामारी (COVID-19) के बीच आयोग की सतर्कता और प्रयासों से 5 करोड़ से अधिक ग्रामीण-शहरी मतदाताओं ने भारी संख्या में मतदान कर लोकतंत्र को मजबूती प्रदान की है.

राजस्थान में चुनाव का यह सिलसिला अभी थमा नहीं है. आयोग अब प्रदेश के शेष बच रहे 90 शहरी निकायों और 12 जिलों के जिला परिषद तथा पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव करवाने की तैयारी कर रहा है. कानूनी अड़चनों के कारण सभी पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों के चुनाव तय समय पर नहीं हो पाए हैं. इन चुनावों के बाद सहकारिता विभाग भी अब अगले वर्ष में सहकारी संस्थाओं के चुनाव करवाने की तैयारी में जुटा है.

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वर्षभर यूं चला चुनाव का सिलसिला



जनवरी और फरवरी- 3848 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच के चुनाव करवाये गये. आयोग ने ये चुनाव चार चरणों में करवाये. पहले चरण के चुनाव के लिए 17 जनवरी को मतदान हुआ. दूसरा चरण के लिए 22 जनवरी को मतदान हुआ. तीसरे चरण के लिए मतदान 29 जनवरी को और चौथे चरण में 1 फरवरी को मतदान हुआ.

सितंबर और अक्टूबर- कोविड-19 महामारी के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग ने केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा जारी सभी गाइडलाइंस की पालना सुनिश्चित करते हुए प्रदेश की शेष बची ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की. ये चुनाव भी चार चरणों में करवाये गये. इसके पहले पहले चरण में 28 सितंबर, दूसरे चरण में 3 अक्टूबर, तीसरे चरण में 6 अक्टूबर और चौथे चरण में 10 अक्टूबर को मतदान हुआ.

अक्टूबर और नवंबर- राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के 6 नवगठित नगर निगमों (जयपुर हैरिटेज, जयपुर ग्रेटर, जोधपुर उत्तर, जोधपुर दक्षिण, कोटा उत्तर और कोटा दक्षिण) के सभी 560 वार्डों में चुनाव करवाये. सभी निगमों में सदस्य के पदों के लिए दो चरणों में 29 अक्टूबर और 1 नवंबर को मतदान हुआ. 3 नवंबर को मतगणना करवाई गई. जबकि महापौर का चुनाव 10 नवंबर और उप महापौर का चुनाव 11 नवंबर को करवाया गया.

नवंबर और दिसंबर- राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के 21 जिलों में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव चार चरणों में करवाये. इसके प्रथम चरण में 23 नवंबर, द्वितीय चरण में 27 नवंबर, तृतीय चरण में 1 दिसंबर और चतुर्थ चरण में 5 दिसंबर को मतदान हुआ. इसके साथ ही निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के 12 जिलों की 50 नगरीय निकायों के चुनाव भी करवाये. इन निकायों में सदस्य पदों के लिए मतदान 11 दिसंबर को हुआ. अध्यक्ष पद के लिए 20 दिसंबर और उपाध्यक्ष पद के लिये 21 दिसंबर को मतदान हुआ.
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