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गहलोत मंत्रिमंडल में पूर्वी राजस्थान का दबदबा, बने 14 मंत्री, जानें क्यों मिली ज्यादा हिस्सेदारी

गहलोत मंत्रिमंडल में पूर्वी राजस्थान का दबदबा, बने 14 मंत्री, जानें क्यों मिली ज्यादा हिस्सेदारी

rajasthan cabinet vistar latest update: गहलोत मंत्रिमंडल में पूर्वी राजस्थान से 14 मंत्री बने.

rajasthan cabinet vistar latest update: गहलोत मंत्रिमंडल में पूर्वी राजस्थान से 14 मंत्री बने.

Rajasthan Cabinet Expansion: गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार (Rajasthan Cabinet Reshuffle) में पूर्वी राजस्थान का दबदबा रहा. सरकार के कुल  30 मंत्री में से 14 मंत्री पूर्वी राजस्थान (Rajasthan Cabinet Minister List 2021) के 5 जिलों से हैं. इतना ही नहीं 20 कैबिनेट मंत्रियों में से 10 पूर्वी राजस्थान से ही हैं. इन मंत्रियों को महकमे में वजनदार पद भी दिया गया है. सियासी जानकारी इसे कांग्रेस की बड़ी रणनीति मान रहे हैं.

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जयपुर. गहलोत मंत्रिमंडल (Rajasthan Cabinet Reshuffel) में पूर्वी राजस्थान की लॉटरी लगी है. मंत्रिमंडल में करीब आधी भागीदारी पूर्वी राजस्थान की है. गहलोत सरकार में अब कुल 30 मंत्री हैं जिनमें से 14 मंत्री पूर्वी राजस्थान (Rajasthan Cabinet Ministers) के 5 जिलों से हैं. इतना ही नहीं गहलोत सरकार के 20 कैबिनेट मंत्रियों में से 10 इन पांच जिलों से हैं. वहीं गहलोत मंत्रिमंडल में शामिल तीनों महिला मंत्री भी पूर्वी राजस्थान से हैं. मंत्रिमंडल में पूर्वी राजस्थान से केवल संख्या बल ही ज्यादा नहीं है, बल्कि मंत्रियों को महकमे भी वजनदार दिए गए हैं. यानी मंत्रिमंडल में पूर्वी राजस्थान का दबदबा है.

पूर्वी राजस्थान में कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए भी मजबूत रही है. पिछली बार जब कांग्रेस की केवल 21 सीटें आई थी तब भी ज्यादातर सीटें पूर्वी राजस्थान से ही थी. ऐसे में इस क्षेत्र को ज्यादा प्रतिनिधित्व दिया गया है. इस क्षेत्र में एससी-एसटी वर्ग से ज्यादा मंत्री बनाकर कांग्रेस के इस परम्परागत वोट बैंक को साधने की कोशिश भी है. वहीं यह पूरी किसान बेल्ट है और कृषि कानूनों को लेकर भाजपा के प्रति नाराजगी है. लिहाजा कांग्रेस किसानों की इस नाराजगी का फायदा भी उठाना चाहती है.

जानें पूर्वी राजस्थान के किस जिले से कितना प्रतिनिधित्व है 

भरतपुर जिले से 2 कैबिनेट और दो राज्य मंत्री हैं
विश्वेन्द्र सिंह और भजनलाल जाटव कैबिनेट मंत्री हैं
डॉ. सुभाष गर्ग और जाहिदा खान राज्यमंत्री हैं
अलवर जिले से दो कैबिनेट मंत्री टीकाराम जूली और शकुन्तला रावत हैं
दौसा जिले से दो कैबिनेट मंत्री और एक राज्यमंत्री है
परसादीलाल मीणा और ममता भूपेश कैबिनेट मंत्री हैं जबकि मुरारीलाल मीणा राज्यमंत्री हैं
करौली जिले से एक कैबिनेट मंत्री रमेश मीणा हैं
जयपुर जिले से अब 3 कैबिनेट मंत्री और 1 राज्यमंत्री हैं
लालचन्द कटारिया, डॉ. महेश जोशी और प्रताप सिंह खाचरियावास कैबिनेट मंत्री हैं
राजेन्द्र सिंह यादव राज्यमंत्री हैं

इसलिए ज्यादा प्रतिनिधित्व

मंत्रिमंडल में पूर्वी राजस्थान को ज्यादा तवज्जो दिए जाने की कई खास वजह हैं. अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर, दौसा और जयपुर आदि जिले पूर्वी राजस्थान का हिस्सा हैं. इन सात जिलों की अगर बात करें तो कांग्रेस यहां कुल 54 सीटों में से 37 सीटों पर चुनाव जीती थीं. अलवर में कांग्रेस ने 11 में से 7, धौलपुर में 4 में से 3, करौली में सभी 4, सवाईमाधोपुर में 4 में से 3, दौसा में 5 में से 4 और जयपुर में 19 में से 10 सीटें जीतीं थी. भरतपुर में कांग्रेस ने 7 में से 6 सीटें जीतीं, जबकि एक सीट कांग्रेस की सहयोगी आरएलडी ने जीती थी.

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पूर्वी राजस्थान को कांग्रेस के इसी दबदबे का फायदा मिला है. यह भी माना जा रहा है कि भरतपुर, करौली, धौलपुर अलवर जैसे जिलों में पैठ मजबूत करके पार्टी इससे सटे यूपी के दक्षिणी पश्चिमी जिले यानी आगरा, एटा, मैनपुरी, मथुरा में आदि में अपना कब्जा जमाने की कोशिश करेगी. पूर्वी राजस्थान से अब 3 एससी वर्ग से और 3 एसटी वर्ग से मंत्री मंत्रिमंडल में शामिल हैं. पार्टी इससे पंजाब और उत्तर प्रदेश के चुनाव में एससी-एसटी वर्ग को साधने की कवायद में भी नजर आ रही है. वहीं एसटी वर्ग से तीन मंत्री बनाकर किरोड़ीलाल मीणा के प्रभाव को कम करने की भी कोशिश है.

Tags: Ashok gehlot, Ashok Gehlot Vs Sachin Pilot, Cabinet expansion, Jaipur news, Rajasthan news

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