सीएम गहलोत का केन्द्र सरकार पर ट्वीट वार, बोले- क्या 1 अप्रेल को जनता के साथ किया क्रूर मजाक ?

सीएम अशोक गहलोत ने केन्द्र सरकार पर राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है.

सीएम अशोक गहलोत ने केन्द्र सरकार पर राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है.

Case of cut in interest rates: इस मसले सीएम अशोक गहलोत ने केन्द्र सरकार पर हमला बोलते हुये पूछा कि आखिर इस तरह का जनविरोधी निर्णय क्यों लिया गया ? गहलोत ने कहा कि क्या एक अप्रेल के दिन सरकार आम लोगों के साथ क्रूर मजाक कर रही है ?

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जयपुर. छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कटौती (Cut interest rates) के ऐलान और बाद में फैसले को वापस लिए जाने के मसले को लेकर सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने केन्द्र सरकार पर निशाना साधा है. सीएम अशोक गहलोत ने आज ट्वीट (Tweet) कर कहा कि वित्त मंत्री को देश को फ्लिप फ्लॉप के बारे में बताना चाहिए. सीएम ने पूछा कि आखिर इस तरह का जनविरोधी निर्णय क्यों लिया गया ?

सीएम गहलोत ने सवाल किया कि पीपीएफ और एनएससी सहित छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कटौती क्यों हुई? और फिर अगली सुबह ही फैसले को पलट क्यों दिया गया ? सीएम गहलोत ने पूछा कि क्या एक अप्रेल के दिन सरकार आम लोगों के साथ क्रूर मजाक कर रही है ? एक दिन पहले कल ही छोटी बचत योजनाओं में ब्याज दरों में कटौती का ऐलान किया गया था. लेकिन आज सुबह केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट कर जानकारी दी कि ब्याज दरें यथावत रहेंगी.

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राज्यों के साथ हो रहा सौतेला व्यवहार
सीएम अशोक गहलोत ने केन्द्र सरकार पर राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है. ट्वीट के जरिए सीएम गहलोत ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सभी विपक्षी दलों को पत्र लिखा है और केन्द्र द्वारा राज्यों की राशि रोक देने को लेकर बात की है. गहलोत ने कहा कि इसी को लेकर मैंने भी पहले विधानसभा में ये मामला उठाया था कि किस प्रकार केन्द्र सरकार राज्यों के साथ में सौतेला व्यवहार कर रही है. उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री सहकारी संघवाद की बात करते हैं और दूसरी तरफ राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किया जा रहा है.

जीएसटी में नहीं मिल रहा पूरा हिस्सा

गहलोत ने कहा कि केन्द्र से जीएसटी में राज्य को पूरा हिस्सा भी नहीं मिल रहा है. केन्द्र सरकार ने बजट में पेट्रोल एवं डीजल पर सेस लगाया है और बेसिक एक्साइज ड्यूटी को लगातार कम किया जा रहा है. लेकिन स्पेशल एक्साइज ड्यूटी और एडिशनल एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई जा रही है. उन्होंने कहा कि इसके कारण डिविजिएबल पूल के रूप में राज्यों को मिलने वाला हिस्सा काफी घट गया है. अधिकतर केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं में भी राज्य का हिस्सा बढ़ाते हुए केन्द्र के अंश को कम किया गया है और इन सबका प्रतिकूल असर राज्यों के राजस्व पर हो रहा है.
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