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केंद्र वापस ले तीनों कृषि कानून, किसानों से दुर्व्यवहार की मांगे माफी: CM अशोक गहलोत

कृषि कानून पर सीएम अशोक गहलोत ने बड़ा बयान दिया है.
कृषि कानून पर सीएम अशोक गहलोत ने बड़ा बयान दिया है.

केंद्रीय कृषि कानूनों (New Agriculture Law 2020) को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने बड़ा बयान दिया है. सीएम गहलोत ने कानून वापस लेने की मांग की है.

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जयपुर. केंद्रीय कृषि कानूनों (New Agriculture Law 2020) को लेकर सियासी बयानबाजी और वार पलटवार का दौर जारी है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधने के साथ इन तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए किसानों से माफी मांगने को कहा है. सीएम गहलोत ने पांच ट्वीट (Tweet) करके इस मामले में केंद्र को आड़े हाथों लिया. मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति से मिलने का दो बार समय मांगने के बावजूद समय ​नहीं देने पर भी सवाल उठाए.

सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट किया, केंद्रीय कृषि कानूनों पर राष्ट्रपति से मिलकर किसानों की बात रखना चाहते थे. पहले पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मिलने का वक्त मांगा  लेकिन राष्ट्रपति ने मिलने का समय नहीं दिया. इसके बाद हम 4 कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने मिलकर समय मांगा लेकिन राष्ट्रपति महोदय की मजबूरी रही होगी , इस कारण हमें समय नहीं मिल सका.


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सीएम अशोक गहलोत ने किया ट्वीट

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक अन्य ट्वीट में  केंद्र पर निशाना साधते हुए लिखा" केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों, किसान सगंठनों,कृषि विशेषज्ञों से बिना चर्चा किये तीनों कृषि बिल बनाए. इन तीनों बिलों को संसद में भी आनन-फानन में बिना चर्चा किए बहुमत के दम पर असंवैधानिक तरीके से पास कराया, जबकि विपक्ष इन बिलों को सेलेक्ट कमेटी को भेजकर चर्चा की मांग कर रहा था. केंद्र सरकार ने इन बिलों पर किसी से कोई चर्चा नहीं की, जिसके चलते आज पूरे देश के किसान सड़कों पर हैं.
सीएम गहलोत ने लिखा, किसानों की बात केंद्र सरकार ने नहीं सुनी, जिसके कारण आज किसान पूरे देश में आंदोलन कर रहे हैं.  लोकतंत्र के अंदर संवाद सरकार के साथ इस प्रकार कायम रहते, तो यह चक्काजाम के हालात नहीं बनते. आम जन को तकलीफ का सामना नहीं करना पड़ता. केंद्र सरकार अविलंब तीनों कृषि कानून वापस ले, और अन्नदाता के साथ किये दुर्व्यवहार के लिये माफी मांगनी चाहिए.
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