Central Agricultural Law: पंजाब की तरह राजस्थान सरकार भी लाएगी कृषि विधेयक, बनाएगी अपना अलग कानून

गहलोत की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि राजस्थान में ऐसे प्रकरणों में फसल खरीद के विवादों के निपटारे मण्डी समिति या सिविल कोर्ट के माध्यम से किये जाने की व्यवस्था पूर्ववत रहनी चाहिए.
गहलोत की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि राजस्थान में ऐसे प्रकरणों में फसल खरीद के विवादों के निपटारे मण्डी समिति या सिविल कोर्ट के माध्यम से किये जाने की व्यवस्था पूर्ववत रहनी चाहिए.

Central Agricultural Law: अशोक गहलोत मंत्रिपरिषद की हुई बैठक में संशोधन बिल (Amendment Bill) लाकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल खरीद का प्रावधान बरकरार रखने का फैसला लिया गया है.

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जयपुर. राजस्थान सरकार भी अब पंजाब की तर्ज पर केंद्रीय कृषि कानूनों (Central Agricultural Law) में किए गए प्रावधाानों को बदलने के लिए विधानसभा में विधयेक लाएगी. सीएम अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में खुद के विधयेक लाने के लिए ​जल्द विधानसभा सत्र बुलाने का फैसला किया गया है.

विधानसभा सत्र नवंबर में बुलाया जा सकता है. पंजाब की तर्ज पर राजस्थान सरकार ने विधानसभा सत्र बुलाकर कृषि कानूनों में संशोधन करने और एमएसपी तथा स्टॉक लिमिट जारी रखने का फैसला किया है.

सिविल कोर्ट के अधिकारों को बहाल रखा जायेगा
मंगलवार रात को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में केन्द्र सरकार द्वारा किसानों से सम्बन्धित विषयों पर बनाए गए तीन नए कानूनों से प्रदेश के किसानों पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की गई. बैठक में जल्द विधानसभा सत्र बुलाकर कृषि कानूनों के प्रभाव पर विचार-विमर्श किया गया. इसके बाद किसानों के हित में वांछित संशोधन विधेयक लाने पर फैसला किया गया. बैठक में सभी मंत्रियों ने फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की अनिवार्यता का प्रावधान करने पर जोर दिया. साथ ही व्यापारियों द्वारा किसानों की फसल खरीद के प्रकरण में विवाद होने की स्थिति में उसके निपटारे के लिए सिविल कोर्ट के अधिकारों को बहाल रखने पर भी चर्चा की. बैठक में तय हुआ कि राजस्थान में ऐसे प्रकरणों में फसल खरीद के विवादों के मण्डी समिति या सिविल कोर्ट के माध्यम से निपटारे की व्यवस्था पहले की तरह पूर्ववत रहनी चाहिए.
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बैठक में ये फैसले भी लिये गये
मंत्रिपरिषद की बैठक में सभी ने यह भी माना कि नए कृषि कानूनों के लागू होने के बाद आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सामान्य परिस्थितियों में विभिन्न कृषि उत्‍पादों के स्टॉक की अधिकतम सीमा हटाने से कालाबाजारी बढ़ने और अनाधिकृत भंडारण तथा कीमतें बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. बैठक में चर्चा की गई कि कॉन्‍ट्रैक्‍ट फार्मिंग अधिनियम में न्यूनतम समर्थन मूल्य का प्रावधान रखना जरूरी है. बैठक में प्रदेश में कोरोना संक्रमण और इससे निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रबंधन पर भी मंथन किया गया. कोरोना के विरुद्ध जनआंदोलन को 31 अक्टूबर से 1 माह और बढ़ाकर 30 नवम्बर तक जारी रखने का फैसला किया गया.
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