जयपुर में सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू, सुरक्षा एजेंसियों को मिलेगी मदद

सुरक्षा एजेन्सियों को अपराधों पर अंकुश लगाने, संवेदनशील और अतिमहत्वपूर्ण मोबाइल फोन रिकॉर्डिंग, लैंडलाइन फोन रिकॉर्डिंग और डाटा ट्रैस करने में होगी आसानी

Rakesh sharma | ETV Rajasthan
Updated: February 13, 2018, 8:08 AM IST
जयपुर में सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू, सुरक्षा एजेंसियों को मिलेगी मदद
प्रतीकात्मक तस्वीर.
Rakesh sharma | ETV Rajasthan
Updated: February 13, 2018, 8:08 AM IST
राजस्थान में अपराधियों पर शिकंजा कसने और सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में सोमवार का दिन सबसे अहम रहा. सभी इन्वेस्टिगेशन एजेन्सियों के लिए फोन रिकॉर्डिंग की सुविधा अब से एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकेगी. राजस्थान की पहली सेन्ट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम कार्यालय की शुरुआत सोमवार से हो गई है. भारत सरकार के दूरसंचार महानिदेशक सुनील कुमार ने इस कार्यालय का उद्घाटन किया.

इस अवसर पर दूरसंचार विभाग दिल्ली के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ राजस्थान दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ निदेशक केसी अग्रवाल, वरिष्ठ निदेशक रमेश चंद्र आर्य सहित सभी अधिकारी मौजूद रहे.

राजस्थान में सेन्ट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम कार्यालय के उद्घाटन के साथ ही अब निजी दूरसंचार कंपनियों और सरकारी दूरसंचार कंपनियों को मोबाइल फोन रिकॉर्डिंग और लैंड लाइन फोन रिकॉर्डिंग, डाटा ट्रैस करने की व्यवस्था के अधिकार समाप्त कर दिए गए हैं.

भारत सरकार के दूरसंचार विभाग और टेलीकॉम रेग्यूलेटरी ऑफ इंडिया के तत्वाधान में सेन्ट्रल मॉनिट्रिंग सिस्टम को ही ये अधिकार सोमवार से ट्रांसफर हो गए हैं.

सुरक्षा एजेन्सियों को हाईटैक अपराधों पर अंकुश लगाने, अपराधियों पर नकेल कसने के लिए सबसे संवेदनशील और अतिमहत्वपूर्ण मोबाइल फोन रिकॉर्डिंग, लैंडलाइन फोन रिकॉर्डिंग और डाटा ट्रैस करने की व्यवस्था सीएमएस में ही उपलब्ध हो सकेगी.

राजस्थान में सीएमएस कार्यालय को हाईटैक मशीनों और अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस किया गया है. कार्यालय के उद्घाटन अवसर पर आए भारत सरकार के दूरसंचार महानिदेशक सुनील कुमार ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत दूरसंचार क्षेत्र में पारदर्शिता बढाने और आधुनिक तकनीकी को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है.
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