सीएम अशोक गहलोत की पीएम मोदी से मांग- 'टिड्डियों को घोषित करें राष्ट्रीय आपदा'
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सीएम अशोक गहलोत की पीएम मोदी से मांग- 'टिड्डियों को घोषित करें राष्ट्रीय आपदा'
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी, टिड्डियों को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग (फाइल तस्वीर)

मुख्यमंत्री ने पीएम को पत्र में लिखा है कि 'टिड्डी ना केवल बहुराज्य समस्या बन चुकी है बल्कि यह एक अंतर्राष्ट्रीय समस्या भी है. उन्होंने कहा है कि प्रभावित देशों से समन्वय कर इसका प्रभावी नियंत्रण किए जाने की जरूरत है'. राजस्थान के 32 जिले इस समय टिड्डी प्रकोप से प्रभावित हैं.

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जयपुर. राजस्थान में टिड्डियों का प्रकोप (Locust outbreak) लगातार बढ़ता जा रहा है, टिड्डियों पर काबू पाने के सारे प्रयास बेकाबू होते जा रहे हैं. फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा चुके टिड्डी हमले को राष्ट्रीय आपदा (National Disaster) घोषित करने की मांग लगातार उठ रही है. अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को पत्र लिखकर टिड्डी प्रकोप को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग कर दी है. पीएम मोदी को लिखे पत्र में सीएम गहलोत ने लिखा है कि 11 अप्रैल से प्रदेश में टिड्डी प्रकोप शुरु हुआ था. अब तक प्रदेश के 33 में से 32 जिले टिड्डी प्रकोप से प्रभावित हो चुके हैं.


राजस्थान के साथ ही गुजरात, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र आदि राज्यों में भी टिड्डियों का प्रकोप है. सीएम अशोक गहलोत का कहना है कि बहुराज्य समस्या बन चुकी टिड्डियों का ऐसा प्रकोप कई दशकों बाद देखा गया है. अगर समस्या जारी रही तो खरीफ के साथ ही रबी फसलों में भी काफी नुकसान की संभावना है. सीएम ने पत्र में लिखा है कि टिड्डियों को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने से टिड्डी प्रकोप से निपटने की राज्यों की क्षमता सुदृढ होगी.
पिछले साल हुआ 1000 करोड़ का नुकसान
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि पिछले साल राजस्थान के 12 जिलों में 6 लाख 70 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डियों का प्रकोप हुआ था और प्रभावी नियंत्रण के बावजूद रबी फसल में किसानों को करीब 1000 करोड़ का नुकसान हुआ था. विश्व खाद्य एवं कृषि संगठन के मुताबिक इस बार टिड्डियों का प्रकोप पिछले साल के मुकाबले ज्यादा होने की संभावना है. खरीफ के साथ ही रबी फसल में भी किसानों को बड़ा नुकसान होने की संभावना है. गौरतलब है कि राजस्थान में केवल बांसवाड़ा जिला टिड्डियों के प्रकोप से अछूता है. जबकि प्रदेश में अब तक करीब 5 लाख 54 हजार हेक्टेयर क्षेत्र टिड्डियों से प्रभावित है जबकि कृषि विभाग और टिड्डी नियंत्रण संगठन द्वारा करीब 4 लाख 26 हजार हेक्टेयर क्षेत्र उपचारित किया गया है.



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अंतर्राष्ट्रीय समस्या हैं ये टिड्डी
मुख्यमंत्री ने लिखा है कि टिड्डी ना केवल बहुराज्य समस्या बन चुकी है बल्कि यह एक अंतर्राष्ट्रीय समस्या भी है. उन्होंने कहा है कि प्रभावित देशों से समन्वय कर इसका प्रभावी नियंत्रण किए जाने की जरुरत है. ताकि किसानों को बड़े नुकसान से बचाया जा सके. अफ्रीका (Africa) और खाड़ी देशों (Gulf countries) में अभी बड़े स्तर पर टिड्डियों का प्रजनन हो रहा है साथ ही सीमा पार से टिड्डियों का आना लगातार जारी है. सीएम ने कहा है कि अगर टिड्डियों को उनके उद्गम स्थल पर ही नियंत्रित नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में समस्या विकराल हो सकती है.
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