Rajasthan Phone Taping Case : मुख्य सचेतक महेश जोशी दिल्ली क्राइम ब्रांच में नहीं हुए पेश

गत वर्ष राजस्थान में गहलोत-पायलट गुट के बीच हुये सियासी घमासान के दौरान फोन टैपिंग का मामला सामने आया था.

Shekhavat Vs Joshi : महेश जोशी ने ही सबसे पहले पिछले साल जुलाई में राजस्थान में एंटी करप्शन ब्यूरो में फोन टेपिंग का केस दर्ज कराया था. इसमें केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ कांग्रेस पार्टी के ही दो विधायक भंवरलाल शर्मा और विश्वेद्र सिंह भी आरोपी हैं.

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जयपुर. फोन टेपिंग मामले (Phone taping case) में दिल्ली पुलिस के नोटिस पर राजस्थान सरकार के मुख्य सचेतक महेश जोशी (chief whip Mahesh Joshi) आज दिल्ली नहीं पहुंचे. उन्हें आज दिल्ली पुलिस की क्राईम ब्रांच (crime branch) के दफ्तर में पेश होना था. जोशी ने कहा कि 65 साल से अधिक उम्र वालों को पेश होने के लिए नहीं कहा जा सकता है. उनके घर जाकर पूछताछ करनी पड़ती है. दिल्ली पुलिस (Delhi police) का नोटिस ही कानूनी रूप से गलत है.

राज्य के फोन टैपिंग मामले को लेकर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जोशी को पूछताछ के लिए नोटिस जारी कर गुरुवार को दिल्ली ​तलब कर रखा था. उन्हें यह नोटिस 21 जून को मिला था. लेकिन वे दिल्ली क्राइम ब्रांच नहीं पहुंचे. जोशी ने कहा कि नियमों के तहत 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति को पूछताछ के लिए थाने नहीं बुलाया जा सकता है.

शेखावत को बचा रही है दिल्ली पुलिस : जोशी
इस बीच जोशी ने फिर आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को बचाने के लिए नोटिस दिया गया. शेखावत को बचाने का ठेका दिल्ली पुलिस के पास है. उन्होंने कहा कि शेखावत को पहले राजस्थान पुलिस को फोन टेपिंग मामले में वॉइस सैंपल देने चाहिए. एसीबी की टीम पिछले साल पूछताछ के लिए दिल्ली केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिह के आवास पर भी गई थी. वो शेखावत के वॉइस सेंपल लेना चाहती थी, लेकिन ले नहीं पाई.
फोन टैपिंग : क्या है पूरा मामला
फोन टेपिंग मामले में दिल्ली पुलिस में 3 महीने पहले केस केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने दर्ज कराया था. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा पर उनके फोन टेप के आरोप लगाए थे. शेखावत ने लोकेश शर्मा की ओर से पिछले साल अगस्त में वायरल किए टेपिंग के ओडियो को केस का आधार बनाया था. लोकेश शर्मा ने क्षेत्राधिकार के आधार पर दिल्ली हाईकोर्ट में पूरे मामले को चुनौती दी थी. दिल्ली हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है. अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी. लोकेश शर्मा ने अपनी अर्जी में कहा था कि इस मामले मे शेखावत आरोपी हैं. राजस्थान पुलिस पहले से जांच कर रही है. ऐसे में एक ही मामले की जांच दो राज्यों की एजेंसी नहीं कर सकती है.

पिछले साल जुलाई में हुआ था केस दर्ज
महेश जोशी ने ही सबसे पहले पिछले साल जुलाई में राजस्थान में एंटी करप्शन ब्यूरो में फोन टेपिंग का केस दर्ज कराया था. इसमें शेखावत के साथ कांग्रेस पार्टी के ही दो विधायक भंवरलाल शर्मा और विश्वेद्र सिंह भी आरोपी है. रिपोर्ट में तब आरोप लगाया था कि भंवरलाल शर्मा से शेखावत विधायकों की खरीद-फरोख्त और गहलोत सरकार को गिराने का षडयंत्र रच रहे थे.

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