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सरकारी स्कूलों में बच्चे अब पोषाहार में पियेंगे दूध, शिक्षा विभाग जुटा तैयारियों में

फोटो: न्यूज18 फोटो

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योजना के तहत प्रदेश के स्कूलों, मदरसों, स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर्स में पढ़ने वाले बच्चों को सप्ताह में 3 दिन ताजा दूध उपलब ...अधिक पढ़ें

    प्रदेश की सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से लेकर 8 तक की पढ़ाई करने वाले 64 लाख बच्चों को 2 जुलाई से दूध पोषाहार मिलेगा. इसे लेकर शिक्षा विभाग 'अन्नपूर्णा दूध योजना' की तैयारियों में जुटा है. योजना के तहत प्रदेश के स्कूलों, मदरसों, स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर्स में पढ़ने वाले बच्चों को सप्ताह में 3 दिन ताजा दूध उपलब्ध कराया जाएगा. स्कूलों में प्रार्थना सभा के तुरंत बाद स्टूडेंट्स को गर्म दूध पिलाए जाने के लिए निर्देशित किया गया है.

    2 जुलाई को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अन्नपूर्णा दूध योजना की शुरुआत करेंगी. इसके लिए विभाग ने सभी जनप्रतिनिधियों का सहयोग मांगा गया है. दूध में चीनी के लिए अलग से बजट नहीं दिए जाने और ग्रामीण इलाकों में दूध की समुचित व्यवस्था को लेकर शिक्षकों में असमंजस बरकरार हैं. प्राथमिक स्तर के प्रत्येक बच्चे को 150 एमएल और उच्च प्राथमिक में 200 एमएल दूध दिया जाएगा. शहरी क्षेत्र के पर छह रुपए और आठ रुपए प्रत्येक विद्यार्थी खर्च किए जाएंगे. वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के 5.25 और 7 रुपए तय किए गए हैं. इसे लेकर बर्तनों की खरीद के लिए प्रत्येक विद्यालय स्तर पर 2520 रुपए का बजट तय किया गया है.

    लेकोमीटर से जांची जाएगी गुणवत्ता
    शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी का कहना है कि इस पहल से प्रदेशभर के बच्चों को सही पोषण मिल पाएगा. स्कूलों में 2 जुलाई से 9 जुलाई तक ‘अन्नपूर्णा दूध योजना सप्ताह’ का आयोजन भी किया जायेगा. सभी स्कूलों में लेकोमीटर के जरिए गुणवत्ता जांचने की व्यवस्था रखी गई हैं.

    दो सौ करोड़ की है योजना
    विभाग का कहना है कि पंचायत क्षेत्र के पंजीकृत महिला दुग्ध समितियों के माध्यम से दूध वितरित किया जाएगा. करीब दो सौ करोड़ रुपए से ज्यादा की इस योजना से शिक्षा विभाग को बड़ी उम्मीदें हैं. इससे स्कूली विद्यार्थियों को पोषण तो मिलेगा ही, वहीं सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने में भी मदद मिल पाएगी.

    Tags: Jaipur news, Rajasthan news

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