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जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में क्लाइमेट इमरेजेंसी पर बहस, दीया मिर्जा ने रखी अपनी बात

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में क्लाइमेट इमरेजेंसी पर बहस, दीया मिर्जा ने रखी अपनी बात

क्लाइमेट इमरजेंसी को लेकर के बहुत ही अहम चर्चा की गई.

क्लाइमेट इमरजेंसी को लेकर के बहुत ही अहम चर्चा की गई.

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (Jaipur Literature Festival) में सोमवार को क्लाइमेट इमरजेंसी को लेकर के बहुत ही अहम चर्चा की गई.

जयपुर. लिटरेचर फेस्टिवल (Jaipur Literature Festival) में सोमवार को  क्लाइमेट इमरजेंसी को लेकर के बहुत ही अहम चर्चा की गई. इस चर्चा में यूएन एंबेसेडर और अभिनेत्री दीया (Dia Mirza) मिर्जा मौजूद रहे जाने-माने पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक इस परिचर्चा में मौजूद रहे शुभांगी स्वरूप और उनके साथ में कई विशेषज्ञ इस चर्चा में शामिल हुए. इस सेशन में सबसे अहम जो बात रखी गई, वो ये थी कि देश के मौजूदा हालात में और दुनिया के मौजूदा हालात में क्लाइमेट को सबसे पहली प्राथमिकता देने की ज़रूरत है.

भावुक हुईं दीया मिर्जा

इन तमाम वक्ताओं ने एक साथ मंच से की देश के और दुनिया के पर्यावरण हालात को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए मांग रखी कि हमे अब क्लाइमेट चेंज पर रिएक्ट करना शुरू करना होगा. क्लाइमेट पर बात करते हुए अभिनेत्री दीया मिर्जा मंच से रो पड़ीं, उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. इस दौरान दीया ने कहा कि हमें सोचना होगा कि हमारी आने वाली पीढ़ी, हमारे बच्चे किस माहौल में रहेंगे. और हमें उन्हें इसके लिए तैयार भी रखना होगा. हमे तय करना है कि या तो हम बदलते हुए जलवायु परिवर्तन के दौर में रहना सीख लें और अपनी आदतों को बदलना भी सीख लें. हमें जितना हो सके अपनी रोजमर्रा की जिंदगी के में अपनी आम दिनचर्या को पूरी तरह से इको फ्रेंडली बनाना होगा.

पेड़-पौधों और जानवरों को वोटा का अधिकार...

मंच से सोनम वांगचुक ने कहा कि पर्यावरण को लेकर के हमारा नजरिया बहुत सामान्य रहा है. हम सब लोग बात तो करते हैं पर अपनी जिंदगी में इस पर अमल नहीं करते. हमें अपनी सोच बदलनी होगी, अमल करना शुरू करना होगा. साथ ही साथ अब जितनी तवज्जो इंसानी वोटों को दी जाती है, जरूरत है कि हम पेड़ पौधे और बेजुबान जानवरों को भी वोट का अधिकार दें. शायद वोटों की वजह से ही लोग उन्हें गंभीरता से लेने लग जाए. अगर इतना भी नहीं कर सकते तो कम से कम इतना किया जा सकता है कि हमारे जो असेंबली में या लोकसभा में रिप्रेजेंटेटिव जाते हैं उसमें नेचर से जुड़े लोगों का एक कोटा रिजर्व रखा जाए. जो कि हर सदन में सिर्फ पर्यावरण और जलवायु से जुड़ी तमाम चीजों को लेकर अपनी बात रखें. हमारी नीति आने वाले वक्त में सुधार कर सकती हैं. हम पर्यावरण को तेजी से बदल रहे हैं और अब कम से कम भारत के अंदर मजबूत कानून बनाकर निर्णायक भूमिका निभा सकता है.

सोनम वांगचुक पर 3 इडियट्स जैसी मूवी बन चुकी हैं. उन्होंने कहा कि हमे प्रजातियों को बचाने के ज्यादा प्रयास करने होंगे. सेशन में दीया मिर्जा सोनम वांगचुक, शुभांगी स्वरूप, अपूर्वा ओज़ा और नामित वाईकर, रेनाटा लोक डेसलियन भी मौजूद रहे. सेशन में जलवायु परिवर्तन के अहम मुद्दे पर बात हुई. यूनाइटेड नेशन्स इंडिया की ओर से ये सेशन डिग्गी पैलेस के फ्रंट लॉन में हुआ.

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Tags: Dia Mirza, Jaipur literature festival, Jaipur news, Rajasthan news

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