लंबित मामलों और हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कमी पर सीएम अशोक गहलोत ने जताई चिंता
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लंबित मामलों और हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कमी पर सीएम अशोक गहलोत ने जताई चिंता
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से जताई चिंता 

राजस्थान की विभिन्न अदालतों में लंबित मामलों और हाईकोर्ट (High court) में न्यायाधीशों की कमी (lack of judges) को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने चिंता जताई और इसके लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा.

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जयपुर. प्रदेश की अदालतों में लंबित मामलों की बढ़ती संख्या और हाईकोर्ट (High court) में घटते न्यायाधीशों (lack of judges) की संख्या पर मंगलवार को सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने भी चिंता जाहिर कर दी. गहलोत ने यह बात आज संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने जजों की नियुक्ति नहीं होने पर केन्द्र सरकार पर भी निशाना साधा.

प्रदेश की निचली अदालतों में लंबित हैं 17 लाख से ज्यादा मामले 

प्रदेश की अधीनस्थ अदालतों में करीब 17 लाख से ज्यादा मामले लंबित हैं. उच्च न्यायालय में करीब साढ़े 4 लाख से ज्यादा मामले पेंडिग चल रहे हैं. इन्हीं मामलों को लेकर मंगलवार को सीएम अशोक गहलोत ने भी चिंता जाहिर की. गहलोत आज संविधान दिवस के मौके पर बिड़ला सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. गहलोत ने अपने सम्बोधन में कहा कि जब आमजन कार्यपालिका से प्रताड़ित होता है तो वह न्यायपालिका की ओर देखता है लेकिन जब उसे यहां भी समय पर न्याय नहीं मिलता है तो यह संविधान की मूल भावना पर ही प्रश्न चिन्ह है. उन्होंने कहा कि देरी से न्याय मिलना न्याय नहीं मिलने के समान है. उन्होंने हाईकोर्ट में जजो की कमी को लेकर केन्द्र सरकार पर निशाना साधा. गहलोत ने कहा कि केन्द्र सरकार को आगे आकर इसके लिए कोई मैकेनिज़्म तैयार करना चाहिए.



 प्रदेश की अदालतों में लंबित मामले 
अधीनस्थ अदालतों में लंबित मामले- करीब 17 लाख
हाई कोर्ट में लंबित मामले- 4,45,002
जयपुर पीठ में लंबित- 2,68,998
जोधपुर पीठ में लंबित- 1,76,004

न्यायाधीशों की स्थिति

हाई कोर्ट में स्वीकृत जजों की संख्या- 50
वर्तमान में कार्यरत जजों की संख्या- 21

संविधान दिवस पर आयोजिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व अन्य


इससे पहले कार्यक्रम में मौजूद जस्टिस एसपी शर्मा ने भी जजों की कमी को लेकर बात कही. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के स्तंभों में शामिल न्यायपालिका की ताकत उसके जजों से है लेकिन आज हम जजों की कमी से जूझ रहे हैं. हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति करने का जिम्मा केन्द्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट का है. अधीनस्थ अदालतों में जजों की नियुक्ति के लिए जिम्मेदार हाईकोर्ट है. सीएम गहलोत ने अपने ही तरीके से दोनों पर निशाना साधा.
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