CM गहलोत ने की कानून व्यवस्था की समीक्षा, महिला उत्पीड़न और SC-ST मामलों पर फौरन कार्रवाई के निर्देश

सीएम गहलोत ने दी व्यापारियों को राहत: माल परिवहन पर ई-वे बिल की सीमा 50 हजार से बढक़र एक लाख हुई.

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अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने शनिवार को गृह विभाग की समीक्षा बैठक लेकर महिला अपराधों के मामले में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं. इसके साथ ही पॉक्सो एक्ट, एससी एसटी और कमजोर वर्ग के विरुद्ध अत्याचार के मामलों में भी पुलिस अधिकारियों को फौरन कार्रवाई करने को कहा.

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जयपुर. राजस्थान ( Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) ने राज्य की कानून व्यवस्था की नब्ज टटोलने गृह विभाग की समीक्षा बैठक ली. इस बैठक के दौरान सीएम ने महिलाओं और एससी एसटी (SC-ST) के विरुद्ध अत्याचार के प्रकरणों की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. थानों में सीसीटीवी लगाने के निर्देश भी दिए हैं.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को गृह विभाग की समीक्षा बैठक लेकर महिला अपराधों के मामले में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं. इसके साथ ही पॉक्सो एक्ट, एससी एसटी और कमजोर वर्ग के विरुद्ध अत्याचार के मामलों में भी पुलिस अधिकारियों को फौरन कार्रवाई करने को कहा. उन्होंने इन मामलों पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से लेकर पुलिस चौकी तक संवेदनशीलता के साथ पीडि़त को समय पर न्याय दिलाने को कहा है.

सीएम ने कहा कि पुलिस पर जनता की सुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. हाल ही में कुछ ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जिनमें पुलिस अधिकारियों के खिलाफ ही महिला अत्याचार के गंभीर प्रकरण दर्ज हैं.  उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित पुलिस अधिकारी या पुलिस कर्मचारी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए. मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से बिना किसी दबाव के भयमुक्त होकर कार्य करने को भी कहा. उन्होंने कहा कि अनुसंधान के दौरान तथ्यों के आधार पर मामले की तह तक जाएं और जांच के दौरान पूर्वाग्रह के साथ काम नहीं करें.  हाल ही में कुछ प्रमुख घटनाओं में समय पर जांच पूरी कर अपराधियों को सजा दिलाने के प्रकरणों का उदाहरण देते हुए सीएम ने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस की टीम की हौसला अफजाई की जानी चाहिए.

थानों में सीसीटीवी लगाने के निर्देश
उन्होंने थानों में सीसीटीवी लगाने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने और महिला अत्याचार के लंबित प्रकरणों में जांच कम से कम समय में पूरी करने के भी निर्देश दिए. वहीं महिलाओं के विरुद्ध अपराध,एससी एसटी और कमजोर वर्ग के खिलाफ अत्याचार के प्रकरणों में मुख्य सचिव, डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह के स्तर पर मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिए. सीएम ने कहा कि लंबे समय तक एक ही जगह जमे रहकर प्रभाव का गलत इस्तेमाल करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.

थानों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़े

सीएम ने कहा कि थानों में बिना किसी बाधा के पंजीकरण के फैसले से महिलाओं के खिलाफ अपराधों के रजिस्ट्रेशन में बढ़ोतरी हुई है और मुकदमों के निस्तारण की गति भी बढ़ी है.  उन्होंने पुलिस में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने, महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को रोकने के लिए सामाजिक जनजागृति लाने और ऑनर किलिंग तथा डायन प्रथा जैसी कुरीतियों को समाप्त करने के लिए स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से प्रयास करने के निर्देश दिए. सीएम ने पुलिस अभिरक्षा में मृत्यु, बच्चों की गुमशुदगी और अपहरण के मामलों में भी गंभीरता बरतने के निर्देश अधिकारियों को दिए.  वहीं मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और माफिया एवं संगठित अपराधों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया. बैठक में मुख्य सचिव डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह के साथ ही विभिन्न विभागों के आला अधिकारी और पुलिस के आला अधिकारी शामिल हुए.
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