Rajasthan: CM गहलोत ने साइबर अपराधों से निपटने के लिये पुलिस को दिया यह बड़ा टास्क

सीएम ने कहा कि हमारा प्रयास है कि राजस्थान अपराधों की रोकथाम और त्वरित न्याय की दिशा में देश का मॉडल स्टेट बने.
सीएम ने कहा कि हमारा प्रयास है कि राजस्थान अपराधों की रोकथाम और त्वरित न्याय की दिशा में देश का मॉडल स्टेट बने.

सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) राजस्थान पुलिस को टास्क दिया है कि वह आधुनिक तकनीक में दक्षता हासिल कर साइबर अपराधों (Cyber crime) पर लगाम लगाये.

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जयपुर. सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने पुलिस को सोशल मीडिया और साइबर तकनीक (Social media and cyber technology) का दुरुपयोग कर इनके जरिए होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने के लिए राजस्थान पुलिस को खुद को तैयार करने का टास्क (Task) दिया है. सीएम ने पुलिस अफसरों से कहा कि पुलिस ऎसे अपराधों की तफ्तीश के लिए साइबर मामलों के एक्सपर्ट पुलिसकर्मियों का पूल गठित कर अपराधियों को सींखचों तक पहुंचाए. गहलोत ने कहा कि बदलते समय के अनुरुप अपराधियों ने अपने अपराध करने के तौर तरीकों में बदलाव किया है. प्रदेश की पुलिस भी इन चुनौतियों से मुकाबले के लिए अपने को आधुनिक बनाए.

अपराधों की रोकथाम और त्वरित न्याय में मॉडल स्टेट बने राजस्थान
सीएम अशोक गहलोत ने बुधवार को देर रात कानून व्यवस्था की समीक्षा की. बैठक में 1 नवंबर से गुर्जर आरक्षण आंदोलन के अल्टीमेटम को देखते हुए भरतपुर क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर चर्चा की. बैठक में सीएम ने कहा कि हमारा प्रयास है कि राजस्थान अपराधों की रोकथाम और त्वरित न्याय की दिशा में देश का मॉडल स्टेट बने. इसके लिए पुलिस को संसाधन उपलब्ध करवाने में किसी तरह की कमी नहीं रखी जाएगी. पुलिस बिना किसी भेदभाव के पीड़ित व्यक्ति की फरियाद सुने और उसे जल्द से जल्द राहत दे. सीएम ने सायबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस को खुद को तकनीकी रूप से तैयार करने और दक्षता हासिल करने के निर्देश दिए.

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रेप के मामलों में जांच का औसत समय 267 से घटकर 118 दिन हुआ


सीएम ने कहा कि नवाचारों से काफी मदद मिली है. महिला अपराधों के खिलाफ विशेष अन्वेषण इकाई के गठन से दुष्कर्म के मामलों की तफ्तीश में लगने वाला औसत समय 267 दिनों से घटकर 118 दिन हो गया है. साथ ही राज्य में महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की लंबित जांचों का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत 34 प्रतिशत के मुकाबले 9 प्रतिशत ही है.
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