आपके लिये इसका मतलब: CM अशोक गहलोत का यह मेगा प्लान बुझायेगा 13 जिलों की प्यास, जानिये क्या है तैयारियां

ईस्टर्न कैनाल परियोजना के जरिये पूर्वी राजस्थान के झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, दौसा, जयपुर, अलवर , अजमेर और टोंक जिलों की पेयजल समस्या का स्थाई समाधान करने की प्रयास किए जा रहे हैं.

ईस्टर्न कैनाल परियोजना के जरिये पूर्वी राजस्थान के झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, दौसा, जयपुर, अलवर , अजमेर और टोंक जिलों की पेयजल समस्या का स्थाई समाधान करने की प्रयास किए जा रहे हैं.

प्रदेश की जनता को पेयजल की समस्या (Drinking water problem) को छुटकारा दिलाने के लिये बड़ी योजना को बड़ा खाका तैयार किया गया है. इससे पूर्वी राजस्थान के करीब 13 जिलों की पेयजल समस्या का स्थाई समाधान (Permanent solution) करने की प्रयास किए जा रहे हैं.

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जयपुर. पूर्वी राजस्थान की सबसे बड़ी पेयजल परियोजना ईस्टर्न कैनाल (Eastern Canal Drinking Water Project) को लेकर केन्द्र भले ही अपने वादे से मुकर गया हो, लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने प्रदेश के सबसे बड़ी दूसरी परियोजना को अमली जामा पहनाने की शुरुआत कर दी है. सीएम गहलोत ने ईस्टर्न कैनाल परियोजना को शुरू करने में एक तीर से तीन निशाने साध कर बड़ी जादूगरी पेश की है.

पूर्वी राजस्थान के 14 जिलों के लिए जीवनदायनी मानी जाने वाली ईस्टर्न कैनाल परियोजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जयपुर दौरे के दौरान राष्ट्रीय परियोजनाओं में शामिल करने का वादा किया था. लेकिन जब सभी राज्यों के लिए राष्ट्रीय परियोजनाओं की सूची जारी की गई तो इसमें ईस्टर्न कैनाल परियोजना का नाम शामिल ही नहीं किया गया. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की ओर से शुरू की गई ईस्टर्न कैनाल परियोजना को अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पंख लगाना शुरू कर दिया है.

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यह होगा पहले चरण में
ईस्टर्न कैनाल परियोजना से पहले चरण में आधा दर्जन जिलों की आबादी की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध के लिए पानी लाने का खाका तैयार किया जा रहा है. बीसलपुर बांध के साथ साथ तीन जिलों की प्यास बुझाने के लिए ईसरदा बांध में भी पानी लाने की तैयारी शुरू हो गई है. ईस्टर्न कैनाल परियोजना को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने पहले चरण में कालीसिंध नदी के नवनेरा बैराज से पानी लाने की योजना बनाई है. काली सिंध नदी पर नवनेरा बांध 167 करोड़ रुपए की लागत से लगभग तैयार हो गया है.

दूसरे चरण में यूं आगे बढ़ेगा काम

इसके दूसरे चरण में नवनेरा बांध से बीसलपुर बांध और ईसरदा बांध को पानी सप्लाई का खाका तैयार किया जा रहा है. इस परियोजना में नवनेरा-गलवा-बीसलपुर-ईसरदा लिंक का कार्य शुरू किया जा रहा है. नवनेरा-गलवा-बीसलपुर-ईसरदा लिंक कार्य पर लगभग 260 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. इसके अलावा धौलपुर में 60 करोड़ रुपए की लागत से कालीतीर लिफ्ट परियोजना भी तैयार की जाएगी. नवनेरा-गलवा-बीसलपुर-ईसरदा लिंक कार्य और धौलपुर की कालीतीर लिफ्ट परियोजना के लिए कुल 320 करोड़ रुपए राज्य सरकार द्वारा खर्च किए जा रहे हैं.



ब्राह्मणी नदी-बीसलपुर परियोजना को किया रद्द

पीएचईडी मुख्य अभियंता हैडक्वार्टर चंद्र मोहन चौहान का कहना है कीनवनेरा-गलवा-बीसलपुर-ईसरदा लिंक की डीपीआर का कार्य शुरू कर दिया गया है. जबकि केन्द्र सरकार से पर्यावरण एवं अन्य मामलों की एनओसी नहीं मिलने के कारण ब्राह्मणी नदी-बीसलपुर परियोजना को रद्द कर दिया गया है. अब बीसलपुर बांध और ईसरदा बांध के लिए कालीसिंध नदी के नवनेरा बैराज से पानी लाया जाएगा.

इन जिलों की बुझेगी प्यास

ईस्टर्न कैनाल परियोजना के जरिये पूर्वी राजस्थान के झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, दौसा, जयपुर, अलवर , अजमेर और टोंक जिलों की पेयजल समस्या का स्थाई समाधान करने की प्रयास किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री के प्रयास के बाद अब ईसरदा बांध से जयपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली जिलों में पेयजल सप्लाई शुरू की जाएगी. जबकि जयपुर जिले के शाहपुरा, बस्सी, फुलेरा और जमवारामगढ़ सहित ग्रामीण इलाकों में भी ईस्टर्न कैनाल प्रोजेक्ट का पानी सप्लाई किया जाएगा. इसके लिए मुख्यमंत्री ने बजट में कुल 320 करोड़ रुपए की घोषणा की है.
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