वसुंधरा राजे के बंगले पर हाईकोर्ट की मौखिक टिप्पणी, 'अपने पास एक आवास रखें मुख्यमंत्री'

राजस्थान हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री अपने पास एक आवास रखें और बंगला नम्बर-13 को मुख्यमंत्री आवास घोषित करें.

News18Hindi
Updated: July 12, 2018, 8:22 PM IST
वसुंधरा राजे के बंगले पर हाईकोर्ट की मौखिक टिप्पणी, 'अपने पास एक आवास रखें मुख्यमंत्री'
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (फाइल फोटो).
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Updated: July 12, 2018, 8:22 PM IST
पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सुविधा मामले में गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अपने पास एक आवास रखें. बंगला नम्बर-13 को मुख्यमंत्री आवास घोषित करें. मिलापचंद डांडिया की पीआईएल पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विमल चौधरी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश में यह साफ कर चुका है है कि पूर्व मुख्यमंत्री आजीवन सुविधा के हकदारी नहीं हैं.

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के तहत प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया, अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे इस आदेश की जद में आते हैं. वर्तमान मुख्यमंत्री वसुधरा के पास दो बंगले हैं और इस लिहाज से कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में सीएम को एक आवास रखने की बात कही है. मामले में अगली सुनवाई 17 सितम्बर को होगी.

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बंगले पर विवाद


मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिविल लाइंस बंगला नंबर 13 में रह रही हैं जो 2009 में मिला था. जबकि बंगला नंबर 8 सीएम का आधिकारिक आवास है. भारत वाहिनी पार्टी के अध्यक्ष और विधायक घनश्याम तिवाड़ी यह बंगला खाली करने को लेकर बीजेपी में रहते समय से विरोध करते आए हैं. साथ ही चार साल तक यहां हुआ खर्च भी वसुंधरा से वसूले जाने की मांग कर चुके हैं.

2017 में सरकार लाई संशोधन विधेयक

राजस्थान में भी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी बंगला देने के लिए सरकार अप्रैल 2017 में राजस्थान मंत्री वेतन संशोधन विधेयक लाई थी. इसमें पूर्व मुख्यमंत्रियों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर आजीवन सरकारी बंगले दिए जाने का प्रावधान किया गया.

वसुंधरा के अतिरिक्त दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के पास बंगले हैं

वसुंधरा राजे के अतिरिक्त राजस्थान में पूर्व सीएम अशोक गहलोत को सिविल लाइंस में बंगला आवंटित है. इसी तरह पूर्व सीएम जगन्नाथ पहाड़िया को अस्पताल रोड पर बंगला आवंटित है. अशोक गहलोत को फरवरी 2014 में सिविल लाइंस में बंगला नंबर 49 आवंटित किया गया था और जगन्नाथ पहाड़िया को जनवरी 1999 में अस्पताल रोड पर बंगला नंबर 5 आवंटित किया गया.

बंगले के साथ पूर्व सीएम को मिलती हैं ये सुविधाएं

राजस्थान मंत्री वेतन संशोधन विधेयक के तहत पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास के साथ मंत्री स्तर का प्रोटोकॉल, एक निजी सचिव, दो लिपिक, दो चतुर्थश्रेणी कर्मचारी, एक राजकीय वाहन की सुविधा दी गई है.

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