जयपुर में हालात चिंताजनक, जिला कलेक्टर ने इंडस्ट्रियल यूज के लिए ऑक्सीजन पर लगाई रोक

जयपुर के कलेक्टर ने ऑक्सीजन की इंडस्ट्रियल यूज पर रोक लगा दिया है.  
 (फाइल फोटो)

जयपुर के कलेक्टर ने ऑक्सीजन की इंडस्ट्रियल यूज पर रोक लगा दिया है. (फाइल फोटो)

जयपुर (Jaipur) में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुये जिला कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा ने ऑक्सीजन (Oxygen) के औद्योगिक इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. अब केवल मेडिकल यूज के लिए ही ऑक्सीजन काम आएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 22, 2021, 5:26 PM IST
  • Share this:
जयपुर. राजधानी जयपुर (Jaipur) में ऑक्सीजन की आपूर्ति चिंताजनक दौर में है. जिला कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा ने ऑक्सीजन (Oxygen) के औद्योगिक इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. अब सिर्फ मेडिकल यूज के लिए ही ऑक्सीजन काम आएगी. नेहरा ने कहा कि ऑक्सीजन की निरंतर आपूर्ति बनाए रखना बड़ी चुनौती है. सरकार लोगों की जिंदगी बचाने का हर संभव प्रयास कर रही हैं.

जयपुर में 11 प्लांट ऐसे हैं जहां ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है. वहीं खपत की बात करें तो प्रतिदिन 66. 90 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की खपत हो रही है. ऑक्सीजन उपलब्धता को लेकर प्रशासन का कहना है कि वर्तमान में ऑक्सीजन का जितना उत्पादन हो रहा है उतनी खपत भी हो रही है. ऐसे में यदि कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती है तो ऑक्सीजन की भारी कमी हो सकती है. जयपुर के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी चल रही है.

गहलोत कैबिनेट की अहम बैठक आज, 18 वर्ष के ऊपर के लोगों को फ्री में कोराना वैक्सीन देने को मिल सकती है मंजूरी

हालात यह है की निजी अस्पताल ऑक्सीजन की कमी के चलते मरीज भर्ती नहीं कर पा रहे हैं. कई अस्पताल मरीजों को दूसरे हॉस्पिटल्स में शिफ्ट कर रहे हैं. जयपुर में हालात संभालने के लिए आईएएस रवि जैन को सरकार ने नियुक्त किया है जो ऑक्सीजन की आपूर्ति और उसके प्रबंधन के प्रयासों में जुटे हैं. अब सारी निगाहें केंद्र सरकार के ग्लोबल टेंडर पर टिकी है केंद्र ने 50,000 टन ऑक्सीजन आयात करने के लिए टेंडर निकाला है. वहीं राज्य में प्राइवेट हॉस्पिटल्स में 50 फीसदी बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं. लेकिन, फिलहाल हालात और ज्यादा खराब होने की आशंका है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज