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अवैध बजरी खनन पर बेबस कलेक्टर्स-एसपी बोले- जुर्माना राशि बढ़ाई जाए, CS ने लिया फीडबैक
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Prem Meena | News18 Rajasthan
Updated: February 28, 2020, 5:28 PM IST
अवैध बजरी खनन पर बेबस कलेक्टर्स-एसपी बोले- जुर्माना राशि बढ़ाई जाए, CS ने लिया फीडबैक
मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने राज्य के सभी जिला कलेक्टर्स और एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर इस बारे में फीडबैक लिया.

राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) से आग्रह किया है कि वह अवैध खनन (Illegal mining) पर जल्द निर्णय ले वरना व्यवस्था हमारे नियंत्रण से बाहर (Out of control) हो जाएगी.

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जयपुर. राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) से आग्रह किया है कि वह अवैध खनन (Illegal mining) पर जल्द निर्णय ले वरना व्यवस्था हमारे नियंत्रण से बाहर (Out of control) हो जाएगी. देश की शीर्ष अदालत में राज्य सरकार (State government) ने दलील दी है कि जल्द निर्णय नहीं होने पर अवैध बजरी पर अंकुश लगाना हमारे लिए दुश्वर (Difficult) हो जाएगा.

कम जुर्माना राशि होने के कारण बजरी माफियों में डर नहीं है
प्रदेश में अवैध खनन पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के चिंता जताने के बाद शुक्रवार को मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने राज्य के सभी जिला कलेक्टर्स और एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर इस बारे में फीडबैक लिया. मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी जिला कलेक्टर्स और एसपी को सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के बारे में बताया और उनकी बातें सुनी. इस दौरान जिला कलेक्टर्स-एसपी ने मुख्य सचिव से आग्रह किया कि अवैध बजरी पर लगाई जाने वाली जुर्माना राशि को बढ़ाया जाए. कलेक्टर और एसपी का कहना था कि कम जुर्माना राशि होने के कारण बजरी माफियों में डर नहीं है.

कोर्ट के स्टे के बाद बड़ी समस्या



वीडियो कांफ्रेसिंग के बाद मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने कहा कि अवैध खनन की समस्या प्रदेश में काफी समय से चल रही है. 16 नवंबर 2017 तक 82 एलओआई होल्डर्स के पास वैध पट्टे थे. लेकिन उसके बाद से लगातार कोर्ट में चैलेंज होने के कारण और स्टे की वजह से एलओआई देने की कार्रवाई साढ़े 3 साल से नहीं कर पा रहे हैं. इस दौरान अवैध बजरी की समस्या भी बढ़ गई है. मुख्य सचिव ने कहा कि अभी सुप्रीम कोर्ट में यह मामला पेंडिंग है. शीर्ष अदालत ने जल्द व्यवस्था नहीं की तो राज्य में अवैध खनन पर अंकुश लगाना राज्य सरकार के लिए दुश्वर हो जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने सीईसी कमेटी बनाई है
मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार की दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने सीईसी कमेटी बनाई है. कमेटी को 6 सप्ताह का समय दिया गया है. कमेटी प्रशासन, एनजीओ और बजरी होल्डर्स के साथ सुनवाई कर 6 सप्ताह के भीतर अपनी अनुशंसा सुप्रीम कोर्ट में पेश करेगी. सीईसी ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि कलेक्टर और एसपी इस अवधि के दौरान अवैध खनन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करें.

 

 

अवैध बजरी के कुल 28 हजार केस दर्ज किये
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेशभर में संयुक्त टास्क फोर्स ने अवैध बजरी के कुल 28 हजार केस दर्ज किये हैं. इनमें अवैध बजरी ले जाने, रखने और अवैध खनन कार्य के केस दर्ज शामिल हैं. मुख्य सचिव ने कहा कि 5 मार्च को सीईसी की बैठक होगी. बैठक से पूर्व सभी कलेक्टर- एसपी को टास्क फोर्स के साथ मीटिंग करने के निर्देश दिए हैं ताकि सीईसी के समक्ष प्रभावी तरीके से अपना पक्ष रखा जा सके.

 

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First published: February 28, 2020, 5:22 PM IST
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