गुर्जर आंदोलन के खत्म होते ही कोरोना संक्रमित हुए कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला

गुर्जर आरक्षण आंदोलन की समाप्ति के एक दिन बाद कोरोना संक्रमित हो गए कर्नल बैंसला.
गुर्जर आरक्षण आंदोलन की समाप्ति के एक दिन बाद कोरोना संक्रमित हो गए कर्नल बैंसला.

कर्नल बैंसला के फेफड़ों में इंफेक्शन बताया जा रहा है. इस वजह से उन्हैं एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. गौरतलब है कि कल ही सीएम अशोक गहलोत के साथ हुई मीटिंग के बाद गुर्जर आरक्षण आंदोलन को खत्म करने की घोषणा की गई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 12, 2020, 8:18 PM IST
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जयपुर. गुर्जर आरक्षण संषर्घ समिति (Gujjar Aarakshan Sangharsh Samiti) के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला (Colonel Kirori Singh Bainsla) कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं. उनके फेफड़ों में इंफेक्शन बताया जा रहा है. इस वजह से उन्हैं एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. गौरतलब है कि गुर्जर समाज के लोग बैकलॉग की भर्तियों और आरक्षण की मांग को लेकर करीब 11 दिन ट्रैक पर बैठे थे. कल ही इन मुद्दों पर सरकार से बनी सहमति के बाद गुर्जर आरक्षण आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की गई थी. इस घोषणा से पहले कर्नल बैंसला कई बार समाज के लोगों के बीच पहुंचे थे. कर्नल बैंसला बुधवार रात राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) से मिलने पहुंचे थे. जिसके बाद ही गुर्जर आंदोलन खत्म होने की जानकारी साझा की गई. समाज और सरकार के बीच कुल 6 बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद आंदोलन खत्म किया गया था.

कई दिनों से खराब चल रही थी बैंसला की तबीयत

कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की तबीयत पिछले कई दिनों से खराब चल रही है. अपनी कमजोर तबीयत की वजह से ही वे आंदोलन के समय भी ज्यादातर समय अपने हिंडौन स्थित घर पर रहे. कर्नल बैंसला की गैरमौजूदगी में रेलवे ट्रैक पर उनके बेटे विजय बैंसला ने कमान संभाल रखी थी. इस बीच बैंसला से वार्ता करने मंत्री अशोक चांदना, आईएएस नीरज के पवन, हिंडौन कलेक्टर समेत कई अधिकारी पहुंचे थे. बैंसला खुद आंदोलन के दौरान लगातार गुर्जर समाज के लोगों से मिल रहे थे. उन्होंने इस दौरान सिकंदरा के सुरौंठ में पंच पटेलों के साथ बैठक भी की थी.



कोरोना चेन तोड़ने के लिए यह भी जरूरी
उम्मीद की जा रही है कि पिछले दिनों जिन लोगों के भी सीधे संपर्क में कर्नल बैंसला आए हैं, उनकी पहचान कर कोविड जांच करवाई जाएगी. कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने का यही कारगर तरीका होगा. केंद्र की गाइडलाइन के मुताबिक, कोरोना चेन तभी ब्रेक की जा सकती है जब कोरोना प्रभावित शख्स से मिले लोगों की चेन के बारे में विस्तार से पता चल सके और सबकी कोरोना जांच हो. उम्मीद की जा रही है कि कर्नल बैंसला के साथ हुई मीटिंग में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और बाकी लोगों की भी कोरोना जांच की जाएगी और उन्हें निगरानी में रखा जाएगा.
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