राजस्थान में ब्लैक फंगस: डॉक्‍टरों की टीम लगातार 24 घंटे ड्यूटी कर किए 19 ऑपरेशन

प्रदेश में ब्लैक फंगस के अब तक करीब 700 से अधिक केस सामने आ चुके हैं. अकेले एसएमएस अस्पताल में ही 80 से अधिक मरीजों का इलाज चल रहा है.

प्रदेश में ब्लैक फंगस के अब तक करीब 700 से अधिक केस सामने आ चुके हैं. अकेले एसएमएस अस्पताल में ही 80 से अधिक मरीजों का इलाज चल रहा है.

Salute to spirit of doctors: कोरोना महामारी के बाद प्रदेश में तेजी से पैर पसार रही ब्लैक फंगस महामारी (Black fungus epidemic) का मुकाबला करने के लिए राजधानी जयपुर में डॉक्टर्स की टीम ने 24 घंटे लगातार ऑपरेशन कर कई मरीजों को खतरे से निकाला.

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जयपुर. कोरोना के बाद अब तेजी से पैर पसार रही ब्लैक फंगस महामारी (Black fungus epidemic) ने राज्य सरकार के साथ आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है. कोरोना काल में बिना रुके और थके कोरोना पीड़ितों का इलाज करने में जुटे फ्रंटलाइन वॉरियर्स चिकित्सकों के बाद अब ब्लैक फंगस ने ईएनटी विभाग के चिकित्सकों (ENT Specialist) की जिम्मेदारी बढ़ा दी है. ईएनटी विशेषज्ञ भी अब बिना थके, बिना रुके ब्लैक फंगस महामारी से पीड़ित मरीजों का जी-जान से इलाज करने में जुटे हैं.

महामारी के इस दौर में चिकित्सकीय पेशे को पूरी शिद्दत के साथ निभाने वाले चिकित्सकों के कई किस्से रोजना सामने आ रहे हैं. चिकित्सक दिन-रात एक करके मरीजों को महामारी से उबरने में जुटे हैं. ऐसा ही एक किस्सा राजधानी जयपुर में भी सामने आया है. राजधानी जयपुर में स्थित प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल के ईएनटी विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. मानप्रकाश शर्मा और प्रोफेसर डॉ. पवन सिंघल की टीम ने अनूठा उदाहरण पेश किया है.

24 घंटे में 19 ऑपरेशन और 22 एंडोस्कोपी

डॉ. सिंह और डॉक्‍टर सिंघल की टीम ने हाल ही में ब्लैक फंगस महामारी से पीड़ित मरीजों को बचाने के लिये बिना रुके लगातार 24 घंटे से ज्यादा समय तक ऑपरेशन किया. डॉक्टर्स की इस टीम ने 24 घंटे में 19 ऑपरेशन और 22 एंडोस्कोपी की है. चिकित्सा पेशे में इस तरह का जुझारूपन दिखाने पर सोशल मीडिया में इस टीम की जमकर सराहना की जा रही है.
अब तक करीब 700 से अधिक केस

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में ब्लैक फंगस के अब तक करीब 700 से अधिक केस सामने आ चुके हैं. अकेले एसएमएस अस्पताल में ही 80 से अधिक मरीजों का इलाज चल रहा है. खास बात यह है कि एसएमएस अस्पताल की ईएनटी डॉक्टर्स की टीम लगातार मरीजों के ऑपरेशन में जुटी हुई है.

जांचों और इलाज के लिए सरकार ने तय की दरें



प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर चुकी है. प्रदेश में इसके इलाज के लिये तेजी से संसाधन जुटाए जा रहे हैं. कोरोना की तर्ज की इस बीमारी से जुड़ी जांच और इलाज के लिए भी सरकार ने दरें तय कर दी हैं. वहीं, इसके इलाज के लिए प्रदेश में अधिकृत अस्पतालों की संख्या भी 20 से बढ़ाकर 25 दी गई है.

लक्षण देखते ही इलाज लेना आवश्यक

डॉ. मोहनीश ग्रोवर का कहना है कि ब्लैक फंगस के मरीज देरी से अस्पताल पहुंच रहे हैं. ऐसे में उनके इलाज में भी काफी देरी हो रही है. बकौल डॉ. ग्रोवर, ब्लैक फंगस के मामलों में देरी से इलाज खतरनाक हो सकता है, ऐसे में लक्षण दिखते ही इलाज लेना आवश्यक है.

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