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Rajasthan: कांग्रेस में इस साल कार्यकारिणी के गठन की संभावना कम, यह है वजह

प्रदेश कार्यकारिणी के बिना पंचायत चुनाव में उतरने पर कांग्रेस को नुकसान हो चुका है. खुद पीसीसी चीफ इस बात को स्वीकार कर चुके हैं.
प्रदेश कार्यकारिणी के बिना पंचायत चुनाव में उतरने पर कांग्रेस को नुकसान हो चुका है. खुद पीसीसी चीफ इस बात को स्वीकार कर चुके हैं.

पिछले 5 महीने से अकेले राजस्‍थान कांग्रेस (Congress) संगठन की बागडोर संभाल रहे गोविंद सिंह डोटसरा (Govind Singh Dotsara) को अगले साल की शुरुआत में कार्यकारिणी मिलने की संभावना है.

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जयपुर. कांग्रेस (Congress) में प्रदेश से लेकर जिला और ब्लॉक स्तर पर पदाधिकारी नहीं हैं. प्रदेश कार्यकारिणी (State executive) की घोषणा का इंतजार लम्बा होता जा रहा है. अब नये साल में ही कार्यकारिणी के गठन की संभावना है. पिछले 5 माह से अकेले प्रदेशाध्यक्ष के भरोसे कांग्रेस संगठन चल रहा है. पायलट कैम्प की बगावत के बाद 14 जुलाई से ही कांग्रेस की कार्यकारिणी भंग है. तब से कोई पदाधिकारी नहीं है. इस साल कार्यकारिणी की घोषणा के आसार अब कम हैं.

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सचिन पायलट कैम्प के साथ सहमति बनाने की कवायद के कारण कार्यकारिणी के गठन में देरी हो रही है. इस माह के अंत तक अब हाईकमान के पास प्रदेश कार्यकारिणी के नाम भेजे जाएंगे. फिर सोनिया गांधी के स्तर पर मंजूरी के बाद ही कार्यकारिणी की घोषणा होगी.

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पंचायतीराज चुनाव में नुकसान उठा चुकी है कांग्रेस


प्रदेश कार्यकारिणी के बिना पंचायत चुनाव में उतरने पर कांग्रेस को नुकसान हो चुका है. खुद डोटासरा यह बात मान चुके हैं कि बिना कार्यकारिणी के चुनाव मैदान में उतरने से पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव में पार्टी को नुकसान हुआ है. पार्टी में अगर कार्यकारिणी बन जाती तो बेहतर प्रदर्शन हो सकता था. यह बात डोटासरा सार्व‍जनिक तौर पर मान चुके हैं.

चरणबद्ध तरीके से बनेगी कार्यकारिणी
अब सबकी निगाह कांग्रेस की कार्यकारिणी पर टिकी है. बताया जाता है कि चरणबद्ध तरीके से कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा. पहले फेज में प्रदेश कार्यकारिणी घोषित होगी. इसके बाद जिला और ब्लॉक की कार्यकारिणी की घोषणा होगी. बताया जा रहा है कि इस बार प्रदेश कार्यकारिणी छोटी ही बनाने की कोशिश की जा रही है. पहले फेज में जम्बो कार्यकारिणी नहीं बनेगी. कार्यकारिणी में जगह पाने के लिये कांग्रेस नेता दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं. इसके लिये लॉबिंग भी जोरों पर है.
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