Rajasthan By-Polls: राजस्थान में जनाधार खो चुकी है कांग्रेस, उपचुनाव में पार्टी को नजर आ रही हार-सतीश पूनिया

बैठक को प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर ने भी सम्बोधित किया. (सांकेतिक फोटो)

बैठक को प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर ने भी सम्बोधित किया. (सांकेतिक फोटो)

सतीश पूनिया (Satish punia) ने कहा, ‘‘ आज हम सब गौरव कर सकते हैं कि भाजपा को बदलते युग की इस बदलती राजनीति में दुनिया का सबसे बड़ा संगठन बनने का अवसर मिला.’’

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जयपुर. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राजस्थान इकाई के अध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish punia) ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस राज्य में अपना जनाधार खो चुकी है और उसकी आंतरिक खींचतान स्पष्ट दिखाई दे रही है. पूनियां ने कहा कि सत्तारूढ़ कांग्रेस (Congress) को चार विधानसभा सीटों के लिए आगामी उपचुनाव में हार नजर आ रही है. इसलिए वह इन इलाकों में विकास कार्यों पर ध्यान देने लगी है. पूनियां ने यहां भाजपा कार्यालय में ‘मोर्चा कार्ययोजना’ बैठक को संबोधित किया. उन्होंने कहा, ‘‘ आज हम सब गौरव कर सकते हैं कि भाजपा को बदलते युग की इस बदलती राजनीति में दुनिया का सबसे बड़ा संगठन बनने का अवसर मिला.’’

उन्होंने कहा कि पार्टी के सातों मोर्चों की सामूहिक बैठक में पदाधिकारियों के कार्य विभाजन, राज्य की गहलोत सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन की रणनीति सहित तमाम मुद्दों पर चर्चा की गई. बैठक को प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर ने भी सम्बोधित किया.

बता दें कि राजस्थान में गहलोत सरकार के विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने के ठीक छह महीने बाद सचिन पायलट के शक्ति प्रदर्शन ने कांग्रेस की नींद उड़ा दी. सचिन पायलट ने बीते दिनों जयपुर के कोट खावदा में रैली की. छह महीने बाद किसी मंच पर पायलट गुट फिर एक साथ नजर आया. सिर्फ पायलट गुट ही नहीं गहलोत गुट के दो विधायक प्रशांत बैरवा और विरेंद्र सिंह ने आज पायलट की रैली के मंच पर पायलट समर्थकों के साथ जाकर चौंकाया. पायलट गुट के 14 विधायक और गहलोत गुट के दो विधायक पायलट के मंच पर थे. कुल 16 विधायक रैली का नजारा ऐसा था कि सीधे-सीधे पायलट की सियासी और जमीनी ताकत की नुमाइश दिखी.

सभी जातियों और सभी इलाकों का समर्थन
रैली के मंच पर पश्चिम राजस्थान के दिग्गज जाट नेता हेमाराम चौधरी, भरतपुर के दिग्गज जाट नेता विश्वेंद्र सिंह, पूर्वी राजस्थान में कद्दावर मीणा नेता रमेश मीणा और मुरारी मीणा, मंच पर जाट-मीणा, दलित विधायकों की मौजूदगी से पायलट कैंप ने दिखाने की कोशिश की कि उनके पास किसी एक जाति विशेष का नहीं, सभी जातियों और सभी इलाकों का समर्थन है.
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